सुमतिनाथ जैन मंदिर में च्यवन एवं जन्म कल्याणक महोत्सव: भक्ति और श्रद्धा से गूंजा निम्बाहेड़ा
निम्बाहेड़ा के श्री सुमतिनाथ जैन मंदिर में आयोजित च्यवन एवं जन्म कल्याणक महोत्सव में उमड़ा आस्था का जनसैलाब। भव्य वरघोड़ा और 56 दिग्कुमारियों द्वारा प्रस्तुत नामकरण संस्कार की मनोहारी झांकी ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। जानिए इस उत्सव की पूरी झलक।

निम्बाहेड़ा के सुमतिनाथ जैन श्वेताम्बर मंदिर में आचार्य निपुणरत्न सूरीश्वर जी की निश्रा में च्यवन एवं जन्म कल्याणक महोत्सव के दौरान निकाली गई भव्य शोभायात्रा।
निम्बाहेड़ा। भक्ति, आस्था और भव्यता के संगम के रूप में बुधवार का दिन निम्बाहेड़ा के लिए ऐतिहासिक बन गया। श्री सुमतिनाथ जैन श्वेताम्बर मंदिर में आयोजित प्रतिष्ठा महोत्सव के अंतर्गत भगवान के च्यवन एवं जन्म कल्याणक महोत्सव का आयोजन बड़े ही हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस पावन अवसर पर समूचा नगर परमात्मा की भक्ति में लीन नजर आया और श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता था।
महोत्सव का मुख्य आकर्षण लाभार्थी पारख परिवार के आदर्श कॉलोनी स्थित निवास से निकली भगवान की भव्य वरघोड़ा यात्रा रही। आचार्य श्री निपुणरत्न सूरीश्वर जी म.सा. के शिष्य प्रन्यास प्रवर श्री राजरत्न विजय जी म.सा. की पावन प्रेरणा से आयोजित इस भक्ति यात्रा में विहार सेवा ग्रुप निंबाहेड़ा के सदस्यों ने भगवान को चांदी की पालकी में अपने कंधों पर विराजमान कर पूरे मार्ग में एक विशेष गौरवपूर्ण दृश्य प्रस्तुत किया। वरघोड़े में सुसज्जित हाथी, घोड़े, ऊँट और रथों के साथ-साथ पारंपरिक वेशभूषा में नृत्य करते नवयुवक इंद्रों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। नगर के विभिन्न मार्गों जैसे विवेकानंद सर्कल, मंडी चौराहा और कॉलेज रोड से गुजरते हुए इस शोभायात्रा का स्थान-स्थान पर श्रद्धालुओं द्वारा पुष्पवर्षा कर आत्मीय स्वागत किया गया।
मंदिर परिसर में पहुँचने के बाद आचार्य श्री निपुणरत्न सूरीश्वर जी म.सा. की निश्रा में च्यवन एवं जन्म कल्याणक के धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। इस दौरान 56 दिग्कुमारियों द्वारा प्रस्तुत नामकरण संस्कार की मनोहारी प्रस्तुति महोत्सव का केंद्र बिंदु रही, जिसने उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। लाभार्थी पारख परिवार के ललित-सीमा पारख, शेरसिंह पारख, पारसमल पारख, प्रकाश पारख, दिलीप पारख, राजेश पारख, मनोज पारख, मोक्ष पारख, पक्षाल पारख सहित विकास जैन एवं समाज के सैकड़ों श्रावक-श्राविकाओं की उपस्थिति ने इस अनुष्ठान को गरिमा प्रदान की। इससे पूर्व मंगलवार रात्रि में आयोजित भक्ति संध्या ने भी श्रद्धालुओं के उत्साह को चरम पर पहुँचाया था।
पूरे दिन मंदिर परिसर में धर्ममय वातावरण बना रहा और नगरवासियों ने बड़ी संख्या में सम्मिलित होकर पुण्य लाभ अर्जित किया। भगवान के इन कल्याणक प्रसंगों ने समाज में एकता और भक्ति का अनूठा संदेश प्रसारित किया, जो लंबे समय तक श्रद्धालुओं की स्मृतियों में अंकित रहेगा।

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