वैदिक संस्कृति और गुरु-शिष्य परंपरा के संरक्षण का अद्भुत दृश्य बुधवार को कल्याण लोक स्थित भव्य यज्ञशाला में देखने को मिला, जहां मेवाड़ के प्रसिद्ध श्री शेषावतार कल्लाजी वेदपीठ द्वारा संचालित निःशुल्क आवासीय वेद विद्यालय में नवप्रवेशित 48 बटुकों का उपनयन संस्कार वैदिक विधान के अनुसार संपन्न कराया गया। वैदिक मंत्रोच्चार, यज्ञीय अनुष्ठानों और आध्यात्मिक वातावरण के बीच आयोजित यह समारोह किसी प्राचीन ऋषि आश्रम की अनुभूति कराता नजर आया।

ज्येष्ठ शुक्ल दशमी के अवसर पर आयोजित इस संस्कार में राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात से आए नवप्रवेशित बटुकों को वैदिक परंपरा के अनुरूप यज्ञ की साक्षी में उपनयन संस्कार प्रदान किया गया। वेदपीठ के आचार्यों और वरिष्ठ बटुकों द्वारा किए गए वैदिक मंत्रोच्चार ने पूरे वातावरण को धर्ममय बना दिया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में अभिभावक, वेदपीठ के न्यासी, पदाधिकारी तथा श्रद्धालु उपस्थित रहे और इस महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान के साक्षी बने।

वर्ष 2005 से संचालित यह निःशुल्क आवासीय वेद विद्यालय गुरु परंपरा को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। संस्थान में अब तक लगभग 500 बटुक वेदाध्ययन के साथ-साथ ज्योतिष एवं कर्मकांड का ज्ञान प्राप्त कर चुके हैं और विभिन्न क्षेत्रों में अपनी आजीविका का सफलतापूर्वक संचालन कर रहे हैं।

ठाकुर श्री कल्लाजी के सानिध्य में आयोजित इस कार्यक्रम में वेदपीठ के आचार्य गोपाल व्यास, त्रिलोक शर्मा पांडे एवं अन्य आचार्यों ने नवप्रवेशित बटुकों को गुरु मंत्र प्रदान करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम में श्री कल्लाजी वैदिक विश्वविद्यालय के चेयरपर्सन कैलाश मूंदड़ा सहित अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।

यह उपनयन संस्कार केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि वैदिक शिक्षा, सनातन परंपरा और गुरु-शिष्य संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में सामने आया, जिसने आधुनिक समय में भी भारतीय ज्ञान परंपरा की जीवंतता को पुनः रेखांकित किया।

Pratahkal Bureau

Pratahkal Bureau

प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story