चित्तौड़गढ़। राष्ट्रीय एवं राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के तहत बुधवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण परिसर में इस वर्ष की चौथी राष्ट्रीय लोक अदालत के अवसर पर विशेष लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव सुनील कुमार गोयल की अध्यक्षता में आयोजित इस अदालत में जिले की स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के प्री-लिटिगेशन प्रकरणों का निष्पादन किया गया।

मुख्यालय पर कुल 276 रैफरल प्रकरण प्रस्तुत किए गए, जिनमें से 16 प्रकरणों का समाधान हुआ और 28 लाख 17 हजार 760 रुपये का अवार्ड पारित किया गया। वहीं, ताल्लुका कपासन, डूंगला और बेगूं क्षेत्र में कुल 349 रैफरल प्रकरण सामने आए, जिनमें से 9 प्रकरणों का निस्तारण किया गया और 36 लाख 82 हजार 238 रुपये के अवार्ड पारित किए गए।

विशेष लोक अदालत की कार्यवाही के दौरान प्राधिकरण सचिव ने जिला मुख्यालय पर गठित बैंचेज की निगरानी की और पक्षकारों से भी बातचीत कर समाधान प्रक्रिया की प्रभावशीलता का जायजा लिया। उन्होंने बैंक कर्मचारियों, अधिवक्ताओं और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया, जिनकी सक्रिय भागीदारी से यह अदालत प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सफल हुई।

विशेष लोक अदालत की इस पहल ने न केवल न्याय प्रक्रिया को सुगम बनाया, बल्कि वित्तीय विवादों के त्वरित समाधान से नागरिकों में न्यायिक भरोसे को भी मजबूत किया। इससे यह स्पष्ट होता है कि विधिक सेवा प्राधिकरण की योजनाएं स्थानीय स्तर पर प्रभावी और परिणामोन्मुखी साबित हो रही हैं।

Pratahkal Bureau

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