सरपंच चुनाव नजदीक आते ही मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए शराब और नगद राशि बांटने के मामले सामने आने लगे हैं। कहीं प्रत्याशी और उनके समर्थक मतदाताओं को लाभ पहुंचाने का वादा कर रहे हैं, तो कहीं शराब और नकदी देकर वोट की अपील की जा रही है। इसी बीच सोनगर में बीती रात एक पुलिस कांस्टेबल पर अपने काका के प्रचार-प्रसार के दौरान मतदाताओं को शराब और नगद राशि बांटने का आरोप लगा है। ग्रामीणों ने उसकी क्रेटा गाड़ी पकड़ ली। इस दौरान धक्का-मुक्की हुई, जिसके बाद कांस्टेबल गाड़ी छोड़कर मौके से भाग गया।

जानकारी के अनुसार, जयसिंहपुरा सरपंच प्रत्याशी के प्रचार-प्रसार में उसका भतीजा पुलिस कांस्टेबल जगदीश धाकड़ सोनगर में जुटा हुआ था। आरोप है कि वह गाड़ी में रखी बियर की बोतलें, शराब और नगद राशि मतदाताओं को बांट रहा था। इसकी भनक ग्रामीणों को लग गई। इसके बाद ग्रामीणों ने चौराहे पर क्रेटा गाड़ी पकड़ ली।

इस दौरान पुलिस कांस्टेबल जगदीश धाकड़ और ग्रामीणों के बीच धक्का-मुक्की हो गई। मौके पर बढ़ती भीड़ को देखते हुए कांस्टेबल गाड़ी छोड़कर भाग गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और गाड़ी के साथ उसमें रखी शराब तथा नगद राशि जब्त कर ली। गाड़ी में एक डंडा भी मिला है।

घटना के बाद पूरे क्षेत्र में इस बात की चर्चा है कि सरपंच चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस जाप्ता लगाया जाता है, लेकिन यदि पुलिसकर्मी ही इस तरह के काम में शामिल होंगे, तो मतदाताओं की जिम्मेदारी कौन लेगा?

मामले को दबाने और रफा-दफा करने के लिए देर रात तक पत्रकारों के पास फोन भी आते रहे। सोनगर में सामने आए इस घटनाक्रम ने सरपंच चुनाव के दौरान मतदाताओं को शराब और नगद राशि बांटने के आरोपों के साथ पुलिसकर्मी की भूमिका को भी चर्चा में ला दिया है।

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