चित्तौड़गढ़। धार्मिक आस्था, सनातन संस्कृति और भक्ति भाव का अनुपम संगम उस समय देखने को मिला, जब शहर के रतन बाग में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के पंचम दिवस पर श्री गोवर्धन पूजा एवं अन्नकूट महोत्सव धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सनातन गौरव समिति के सानिध्य में आयोजित इस भव्य आयोजन में छप्पन भोग अर्पित कर भगवान श्रीकृष्ण की आराधना की गई, जहां श्रद्धा और उत्साह से ओतप्रोत वातावरण ने समूचे पांडाल को भक्तिमय बना दिया।

कथा के पांचवें दिन महामंडलेश्वर उत्तम स्वामी महाराज ने अपने ओजस्वी और भावपूर्ण प्रवचनों में भक्ति, नम्रता और विश्वास का महत्व रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि ईश्वर अहंकार और वैभव से नहीं, बल्कि सच्ची भक्ति और पूर्ण विश्वास से प्रकट होते हैं। रामायण की प्रसिद्ध चौपाई “होईह सोई जो राम रची रखा” का उद्धरण देते हुए उन्होंने श्रोताओं को कर्मयोग का संदेश दिया और कहा कि मनुष्य को अपने कर्तव्य और सद्कर्म पूरी निष्ठा से करने चाहिए, फल का निर्णय परमपिता परमेश्वर पर छोड़ देना चाहिए।

महाराज श्री ने शास्त्रों का उल्लेख करते हुए बताया कि परमात्मा के समक्ष कभी खाली हाथ नहीं जाना चाहिए। फल, पुष्प या दोनों हाथ जोड़कर विनम्र भाव से शीश झुकाना भी सच्ची भक्ति का प्रतीक है। आत्मबोध को सरल उदाहरणों के माध्यम से समझाते हुए उन्होंने कहा कि जिस प्रकार दही के मंथन से मक्खन प्राप्त होता है, उसी प्रकार शरीर रूपी दही का मंत्र और साधना रूपी मंथन करने से श्रेष्ठ आत्मा का प्राकट्य होता है, जो अंततः परमात्मा में विलीन हो जाती है। उन्होंने मक्खन के औषधीय गुणों का उल्लेख करते हुए उसे आत्मिक शुद्धता और स्थायित्व का प्रतीक बताया।

समिति से जुड़े राजेन्द्र गगरानी ने जानकारी दी कि श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ महामंडलेश्वर उत्तम स्वामी महाराज के श्रीमुख से हनुमान चालीसा के पाठ के साथ किया गया था। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के गौ सेवा विभाग के अखिल भारतीय सह संगठन मंत्री गजेंद्र सिंह, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य डॉ. महेंद्र नाथ पांडे, चित्तौड़गढ़ विधायक चन्द्रभान सिंह आक्या, जिला कलेक्टर आलोक रंजन सहित अनेक संत-महात्मा, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान पांडाल में आयोजित यज्ञ में विधायक आक्या सहित अन्य अतिथियों ने देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना को लेकर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आहुतियां दीं। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, माताएं-बहनें और भक्तजन शामिल हुए, जिनकी उपस्थिति ने इस धार्मिक उत्सव को और भी गरिमामय बना दिया।

इस अवसर पर समिति पदाधिकारियों एवं आयोजकों द्वारा महाराज श्री और सभी अतिथियों का उपरना ओढ़ाकर तथा स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया। पूरे आयोजन ने न केवल धार्मिक चेतना को सुदृढ़ किया, बल्कि सनातन परंपराओं और सामूहिक आस्था की शक्ति को भी सजीव रूप में प्रस्तुत किया। श्री गोवर्धन पूजा और अन्नकूट महोत्सव का यह आयोजन चित्तौड़गढ़ में धार्मिक एकता, सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक ऊर्जा का सशक्त संदेश देकर संपन्न हुआ।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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