भारतीय जनता पार्टी जिला चित्तौड़गढ़ द्वारा जिला भाजपा कार्यालय ओछड़ी पर एक महत्वपूर्ण पत्रकार वार्ता आयोजित की गई, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत महिला आरक्षण विधेयक के पारित न हो पाने पर विपक्षी दलों के कड़े विरोध की आलोचना की गई। इस प्रेस वार्ता के माध्यम से भाजपा नेताओं ने स्पष्ट संदेश दिया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के माध्यम से महिलाओं को अधिकार दिलाने की लड़ाई हर हाल में जारी रहेगी। पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं निंबाहेड़ा विधायक श्रीचंद कृपलानी ने विपक्ष के रुख पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि विपक्ष के अवरोधों के बावजूद महिला सशक्तिकरण का मार्ग नहीं रुकेगा और भाजपा आधी आबादी को उनका वाजिब हक दिलाकर रहेगी।

मुख्य वक्ता श्रीचंद कृपलानी ने परिसीमन और आरक्षण की प्रक्रिया पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा नारी शक्ति वंदन अधिनियम को शीघ्र लागू कर महिलाओं को त्वरित लाभ पहुंचाने की थी, जिसके लिए उन्होंने इस प्रक्रिया को परिसीमन से अलग रखकर समय पर लाभ देने का प्रयास किया। उन्होंने तार्किक रूप से स्पष्ट किया कि यदि जनगणना और परिसीमन का पूर्ण प्रतीक्षा की जाती तो महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण का लाभ वर्ष 2029 के पश्चात ही मिल पाता, जबकि सरकार की प्राथमिकता देश की मातृशक्ति को जल्द से जल्द यह अधिकार प्रदान करना था। परिसीमन की व्याख्या करते हुए उन्होंने बताया कि इसका मूल अर्थ निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं का पुनर्निर्धारण है। कृपलानी ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि वर्ष 1976 में जब देश की आबादी 54 करोड़ थी, तब लोकसभा की 550 सीटें थीं, किंतु वर्तमान में 140 करोड़ से अधिक की जनसंख्या को देखते हुए सभी राज्यों में लगभग 50 प्रतिशत सीटों की वृद्धि का प्रस्ताव रखा गया है ताकि जन-प्रतिनिधित्व संतुलित हो सके।

दक्षिण भारतीय राज्यों के आरोपों को निराधार बताते हुए पूर्व मंत्री ने स्पष्ट किया कि सीटों की वृद्धि से किसी भी राज्य का प्रतिनिधित्व कम नहीं होगा, अपितु आंकड़ों के अनुसार दक्षिण राज्यों की हिस्सेदारी 23.76 प्रतिशत से बढ़कर 23.87 प्रतिशत हो जाती। उन्होंने उदाहरण प्रस्तुत किया कि प्रस्तावित परिसीमन के बाद कर्नाटक में सीटें 28 से 42, आंध्र प्रदेश में 25 से 28, तेलंगाना में 17 से 26, तमिलनाडु में 49 से 59 और केरल में 20 से 30 हो जातीं। वर्तमान में देश में प्रतिनिधित्व की भारी असमानता है, जहाँ कहीं 8 लाख तो कहीं 40 लाख की आबादी पर एक सांसद है। परिसीमन इस विसंगति को दूर कर जनता की पहुंच अपने प्रतिनिधियों तक सुगम बनाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति का आरक्षण संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार अनुपातिक रूप से बढ़ता है और सामाजिक-आर्थिक आधार पर दी जाने वाली इस प्रक्रिया में लगभग दो वर्ष का समय लगता है।

पत्रकार वार्ता में विधायक चंद्रभान सिंह आक्या ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल कानून नहीं वरन मातृशक्ति को सशक्त बनाने का संकल्प है और कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने इसका विरोध कर अपनी संकीर्ण मानसिकता का प्रदर्शन किया है। कार्यक्रम के दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष रतनलाल गाडरी, जिला महामंत्री रघु शर्मा, हर्षवर्धन सिंह रूद, कैलाश मंत्री, झालावाड़ जिला संगठन सह प्रभारी सागर सोनी, जिला मीडिया प्रभारी मनोज पारीक, मंडल अध्यक्ष गौरव त्यागी, हीरालाल रायका, अशोक जाट, जिला आईटी संयोजक नंद किशोर लोहार, सह संयोजक आशीष शर्मा और देवकरण समदानी सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे। भाजपा नेताओं ने संकल्प दोहराया कि नारी सम्मान, सुरक्षा और स्वाभिमान पर कोई समझौता नहीं होगा और विपक्ष की बाधाओं के बाद भी भाजपा महिलाओं को अधिकार दिलाकर ही दम लेगी।

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