विश्वविख्यात कृष्ण धाम श्री सांवलियाजी मंदिर के वैभव और श्रद्धालु सुविधाओं में विस्तार की दिशा में मंदिर मंडल ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। गोकुल विश्रांति गृह में आयोजित मंदिर मंडल की महत्वपूर्ण बजट बैठक में आगामी वित्तीय वर्ष के लिए आय-व्यय का लेखा-जोखा प्रस्तुत करते हुए 579 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का विस्तृत खाका तैयार किया गया। मंदिर बोर्ड के अध्यक्ष हजारी दास वैष्णव की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस बैठक में मंदिर के सर्वांगीण विकास, बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण और नवाचारों को लेकर कई दूरगामी निर्णय लिए गए, जो आने वाले समय में चित्तौड़गढ़ की इस पावन धरा पर भक्ति और व्यवस्था के नए मानक स्थापित करेंगे।

बैठक के दौरान वित्तीय आंकड़ों का विश्लेषण करते हुए बताया गया कि आगामी वित्त वर्ष के लिए समस्त स्रोतों से कुल अनुमानित आय 42100.00 लाख रुपये निर्धारित की गई थी, जिसके विरुद्ध संशोधित अनुमानित आय 41139.00 लाख रुपये अनुमोदित की गई है। इसी प्रकार, 42100.00 लाख रुपये के अनुमानित व्यय के विरुद्ध संशोधित अनुमानित व्यय 12814.00 लाख रुपये का अनुमोदन किया गया। विशेष रूप से, चालू वित्त वर्ष के लिए मंदिर मंडल द्वारा व्यवस्थाओं के सुचारू संचालन, नवीन निर्माण एवं व्यापक विकास परियोजनाओं हेतु कुल 57900.00 लाख रुपये के व्यय का भारी-भरकम प्रावधान किया गया है। यह बजट न केवल मंदिर की भव्यता को बढ़ाएगा, बल्कि सामाजिक सरोकारों और जनकल्याणकारी गतिविधियों को भी नई गति प्रदान करेगा।

इस व्यापक बजट में मंदिर की समस्त व्यवस्थाओं को समाहित किया गया है, जिसमें पारंपरिक महाप्रसाद, साधु-संतों एवं असहाय निर्धनों हेतु भोजन व्यवस्था, कार्मिकों के वेतन-भत्ते, यात्रा एवं चिकित्सा व्यय, तथा वाहनों के ईंधन व संधारण का प्रावधान है। साथ ही, मशीनरी व उपकरणों के क्रय एवं रखरखाव, कार्यालय संचालन, विज्ञापन-प्रचार, विद्युत, जल एवं स्वच्छता प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया गया है। मेले के आयोजन, धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की निरंतरता, गौशाला संचालन, कृषि कार्य, चिकित्सा शिविरों का आयोजन और शैक्षणिक गतिविधियों को भी बजट में प्राथमिकता दी गई है। निर्माण एवं विकास कार्यों के अतिरिक्त अनुदान, शुल्क, ब्याज भुगतान, भोजनशाला संचालन, और प्रसाद व्यवस्था में किए जाने वाले नवाचारों के लिए विस्तृत मदवार आवंटन किया गया है।

श्रद्धालुओं की सुगमता को केंद्र में रखते हुए बैठक में दर्शन व्यवस्था को अधिक सरल बनाने और मंदिर परिसर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर बल दिया गया। इसके अंतर्गत गौशाला के विकास, मंदिर को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों के निर्माण व सुदृढ़ीकरण, परिसर में पेयजल व्यवस्था को पुख्ता करने, विभिन्न स्थलों पर आधुनिक टॉयलेट कॉम्प्लेक्स बनाने तथा शेष स्टोन फसाड कार्य को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। अध्यक्ष हजारी दास वैष्णव के साथ इस महत्वपूर्ण विमर्श में कपासन विधायक अर्जुन लाल जीनगर, जिला कलेक्टर डॉ. मंजू, बोर्ड सदस्य मिठू लाल जाट, किशन लाल अहीर, पवन तिवारी, हरिराम गाडरी, रामलाल गुर्जर, मुख्य कार्यपालक अधिकारी प्रभा गौतम, वरिष्ठ लेखाधिकारी राघव शर्मा, सहायक अभियंता रोहित मेहता, प्रशासनिक अधिकारी एवं नायब तहसीलदार शिवशंकर पारिक, प्रशासनिक अधिकारी राजेन्द्र सिंह, कनिष्ठ अभियंता सुनील कटारा एवं संपदा प्रभारी भेरू गिरी गोस्वामी सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित रहे। यह बजट न केवल वित्तीय अनुशासन का परिचायक है, बल्कि श्री सांवलियाजी के दरबार में आने वाले करोड़ों भक्तों की आस्था के सम्मान और क्षेत्र के समग्र विकास का एक सशक्त संकल्प पत्र है।

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