अमर शहीद बीरबल सिंह जीनगर का बलिदान दिवस चित्तौड़गढ़ में मनाया गया
अखिल भारतीय जीनगर समाज ने रायसिंहनगर के शहीद बीरबल सिंह जीनगर को पुष्पांजलि अर्पित कर उनके राष्ट्रप्रेम और साहस को नमन किया।

चित्तौड़गढ़ में अखिल भारतीय जीनगर समाज के सदस्य अमर शहीद बीरबल सिंह जीनगर के चित्र के साथ श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए।
चित्तौड़गढ़। स्वतंत्रता संग्राम के स्वर्णिम इतिहास में अपनी अमिट छाप छोड़ने वाले अमर शहीद बीरबल सिंह जीनगर का बलिदान दिवस अखिल भारतीय जीनगर समाज द्वारा अत्यंत श्रद्धा और गरिमापूर्ण ढंग से मनाया गया। चित्तौड़गढ़ में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में समाज के प्रबुद्धजनों और युवाओं ने एक स्वर में उस महानायक को नमन किया, जिन्होंने तिरंगे की आन-बान और शान के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी थी। कार्यक्रम की अध्यक्षता राजेश जीनगर ने की, जहां उपस्थित सभी लोगों ने शहीद के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके अदम्य साहस को याद किया।
श्रीगंगानगर जिले के रायसिंहनगर के निवासी बीरबल सिंह जीनगर बीकानेर प्रजा परिषद के एक सक्रिय सदस्य थे, जिन्होंने तत्कालीन अंग्रेजी शासन और रियासती दमन के विरुद्ध बिगुल फूंका था। 30 जून 1946 का वह दिन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में काला अध्याय और गौरवशाली बलिदान का प्रतीक माना जाता है। रायसिंहनगर में आयोजित प्रजा परिषद के सम्मेलन के दौरान, जब वे हाथों में तिरंगा थामे अग्रिम पंक्ति में चल रहे थे, तब क्रूर पुलिस प्रशासन ने लाठीचार्ज और अंधाधुंध गोलीबारी की। पुलिस की तीन गोलियां उनकी जांघों को छलनी कर गईं, लेकिन राष्ट्रभक्ति का जज्बा इतना प्रखर था कि उन्होंने लहूलुहान अवस्था में भी तिरंगे को झुकने नहीं दिया और 'इंकलाब जिंदाबाद' एवं 'भारत माता की जय' के नारे बुलंद करते रहे। इस संघर्ष के अगले ही दिन, 1 जुलाई 1946 को उन्होंने मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दे दिया।
कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठजनों ने उनके जीवन को त्याग और राष्ट्रप्रेम की प्रेरणा का स्रोत बताया। उन्होंने समाज के युवाओं का आह्वान किया कि वे शहीद बीरबल सिंह के पदचिह्नों पर चलते हुए राष्ट्र सेवा को प्राथमिकता दें। इस अवसर पर समाज के विभिन्न वर्गों से नवरतन जीनगर, प्रहलाद राय चौहान, छगनलाल टांक, तेजमल सिसोदिया, अंबालाल चितारा, खूबचंद पड़िहार, ओम प्रकाश वर्मा, चंद्र प्रकाश जीनगर, संदीप सोनगरा, राकेश पड़िहार, सीताराम सिसोदिया, मगनलाल सिसोदिया, सुरेश चौहान, भागचंद पंवार, हितेश पंवार, उमेश चौहान, अनिल सिसोदिया, कैलाश पंवार, अनिल पड़िहार, रजत जीनगर, राहुल टांक, भरत जीनगर, मोनू पड़िहार, विजय पड़िहार, गीता जीनगर और गोविंद जीनगर सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में दो मिनट का मौन रखकर शहीद को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई और उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया गया।

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