चित्तौड़गढ़। मेवाड़ की पावन धरा चित्तौड़गढ़ के आलोक शिक्षण संस्थान परिसर में श्री क्षत्रिय युवक संघ के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय माध्यमिक प्रशिक्षण शिविर का समापन आध्यात्मिक और अनुशासनात्मक ऊर्जा के साथ संपन्न हुआ। संघ प्रमुख लक्ष्मण सिंह के पावन सानिध्य में आयोजित इस शिविर ने न केवल राजस्थान बल्कि मध्य प्रदेश के क्षत्रिय समाज के युवाओं में संस्कार और राष्ट्रभक्ति की नई ज्योति प्रज्वलित की है। 25 से 31 दिसंबर तक चले इस गहन प्रशिक्षण शिविर में राजस्थान और मध्य प्रदेश के 19 जिलों के 90 विभिन्न स्थानों से आए 150 से अधिक स्वयंसेवकों ने शिरकत की, जहाँ उन्हें क्षत्रियोचित गुणों और जीवन मूल्यों का पाठ पढ़ाया गया।

शिविर का विधिवत संचालन महेंद्र सिंह द्वारा किया गया। शुभारंभ के अवसर पर स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए संघ प्रमुख लक्ष्मण सिंह ने संगठन की शक्ति और संकल्प की महत्ता पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि संगठन के मार्ग पर वही व्यक्ति अडिग रह सकता है जिसका संकल्प हिमालय की भांति दृढ़ हो। उन्होंने रेखांकित किया कि इस शिविर में शामिल होने वाले स्वयंसेवक वे हैं, जिनके अंतर्मन में समाज और राष्ट्र की वर्तमान चुनौतियों के प्रति गहरी पीड़ा है। श्री क्षत्रिय युवक संघ इसी पीड़ा को रचनात्मक चिंतन में बदलकर संस्कार निर्माण का महती कार्य कर रहा है। संघ प्रमुख ने स्पष्ट किया कि संस्कार निर्माण कोई तात्कालिक उपलब्धि नहीं बल्कि एक दीर्घकालिक साधना है, जिसमें निरंतरता, अनुशासन, धैर्य और त्याग की आहुति आवश्यक है।

शिविर की दिनचर्या अत्यंत अनुशासित और प्रभावी रही, जहाँ प्रातः 5 बजे जागरण से लेकर रात्रि 10 बजे शयन तक स्वयंसेवक निरंतर सक्रिय रहे। इस दौरान प्रार्थना, चर्चा, अर्थबोध, खेलकूद और बौद्धिक सत्रों के माध्यम से उनके व्यक्तित्व को निखारा गया। केंद्रीय कार्यकारी गंगा सिंह के निर्देशन में घटों के अनुसार यज्ञ-हवन संपन्न हुए, जिसमें स्वयंसेवकों ने आहुतियां देकर विश्व कल्याण की कामना की और सूर्य भगवान को अर्घ्य अर्पित कर ऊर्जा ग्रहण की। शारीरिक दक्षता और टीम भावना विकसित करने के उद्देश्य से पृथक प्रमुखों के निर्देशन में विभिन्न पारंपरिक खेलों का भी आयोजन हुआ।

आयोजन के अंतिम चरणों में 30 दिसंबर को 'शिविर दर्शन एवं स्नेह मिलन' कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय सामाजिक बंधुओं और प्रबुद्ध जनों ने शिविर की गतिविधियों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। इस दौरान संवाद सत्र में समाज के विभिन्न प्रतिनिधियों ने महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए। वीरेंद्र सिंह सांकड़ों का खेड़ा ने खेल प्रतियोगिताओं के विस्तार, भूपेंद्र सिंह बडोली ने आयोजनों की नियमितता और भंवर सिंह ने स्थानीय संघ कार्यालय के निर्माण का प्रस्ताव रखा। वहीं मंगल सिंह झाड़ोली ने वित्तीय सहयोग और अरविंद सिंह ने सर्व समाज के साथ सामूहिक भोज के आयोजन का सुझाव दिया। इन सुझावों पर प्रतिक्रिया देते हुए संघ प्रमुख ने कहा कि यद्यपि समाज की अपेक्षाएं महत्वपूर्ण हैं, किंतु संघ का मूल ध्येय 'व्यक्ति निर्माण' है। उन्होंने यह भी साझा किया कि पूर्व संघ प्रमुख भगवान सिंह रोल साहब की स्मृति में खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।

इस गरिमामयी समापन अवसर पर सहकारी बैंक अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह, बालू सिंह, हर्षवर्धन सिंह, दिग्विजय सिंह झाला, मोहन सिंह भाटी, बृजेश सिंह तंवर, चावंड सिंह, राजेंद्र सिंह, भूपेंद्र सिंह, देवेंद्र सिंह शेखावत, डॉ. गजेंद्र सिंह, महेंद्र सिंह, डॉ. दुष्यंत सिंह, राजेंद्र सिंह, नरोत्तम सिंह, लक्ष्मण सिंह, जयपाल सिंह, राजेंद्र सिंह, उदय सिंह, भगवान सिंह, गजराज सिंह, नरेंद्र सिंह, कमलेंद्र सिंह, शिवपाल सिंह झालरा और खुमान सिंह सहित समाज के अनेक वरिष्ठ स्वयंसेवक एवं निष्ठावान कार्यकर्ता उपस्थित रहे। यह शिविर न केवल कौशल प्रशिक्षण का केंद्र बना, बल्कि इसने समाज को संगठित और संस्कारित करने की दिशा में एक मील का पत्थर स्थापित किया है।

Pratahkal Bureau

Pratahkal Bureau

प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story