काकंरवा 11 अप्रैल। गुर्जर समाज व देव सेना संगठन भूपालसागर व मेवाड़ के नेतृत्व में सांवरिया सेठ मंडफिया में भक्त भोलाराम जी गुर्जर की मूर्ति स्थापना की मांग तेज हो गई है। देव सेना कार्यकर्ता व जिलाउपाध्यक्ष मदन गुर्जर के नेतृत्व में विधायक अर्जुन लाल जीनगर को भूमि पूजन व शोभायात्रा निकालने की अनुमति हेतु मांग पत्र सौंपा गया है।

मंदिर मंडल की कार्यप्रणाली पर उपजा असंतोष

विदित रहे कि 8 माह पहले मन्दिर मंडल अध्यक्ष जानकीदास वैष्णव व सदस्य पवन शर्मा के सानिध्य में गुर्जर समाज के द्वारा ज्ञापन दिया गया था। उस समय मंडल अध्यक्ष की तरफ से कुरेठा नाका पर प्रवेश द्वार पर मूर्ति लगाने व सौन्दर्यकरण करने का प्रस्ताव में तो शामिल किया गया, पर अभी तक धरातल पर कोई कार्य नही हुआ। इसी विलंब को लेकर समाज और संगठन में रोष व्याप्त है।

भक्त भोलाराम और भगवान सांवरिया सेठ का अटूट ऐतिहासिक संबंध

इस मांग के पीछे गहरा धार्मिक इतिहास जुड़ा है। मान्यता है कि "जिस घर की परेन्डी पर भगवान श्री सांवरिया सेठ बिराजमान है वो घर भक्त (लखमा जी) गुर्जर /भोलाराम जी का है।" इतिहास गवाह है कि यहाँ "भगवान और भक्त के मध्य आमने-सामने बात होती थी" और "भगवान खुद साक्षात भक्त के स्वप्न में आकर बाहर प्रकट हुए थे।" लोक कथाओं के अनुसार सांवरिया जी "रोज भक्त को सोने का सिक्का देते थे" तथा एक बार तो प्रभु ने "बनिया का रूप धरकर भक्त का कर्जा चुकाया था।"

उपेक्षा के विरुद्ध उठते स्वर

भक्त का यह अहो भाग्य है कि जिस स्थान पर उनका घर था और जहाँ से आज हर महीने करोड़ों की आवक हो रही है, वहाँ अभी तक उनका कोई नामो-निशान तक नही है। समाज का प्रश्न है कि "भोलाराम जी की मूर्ति लगाने पर मन्दिर मंडल इतना विचार क्यों कर रहा है?" देव सेना और गुर्जर समाज अब इस स्थान पर अपने पूर्वज और अनन्य भक्त की स्मृति को सहेजने हेतु दृढ़ संकल्पित है।

Pratahkal Bureau

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