चित्तौड़गढ़: आरएलपी ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, हनुमान बेनीवाल की सुरक्षा और अफीम नीति पर प्रदर्शन
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्री चौराहा पर प्रदर्शन कर ईंधन के दाम घटाने, स्थानीय युवाओं को रोजगार देने और खाद आपूर्ति की मांग की।

चित्तौड़गढ़ में जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर बढ़ती महंगाई, हनुमान बेनीवाल की सुरक्षा बहाली और अफीम किसानों के मुद्दों को लेकर बैनर थामे प्रदर्शन करते राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के कार्यकर्ता।
देश और प्रदेश में लगातार बढ़ती महंगाई से त्रस्त जनता की आवाज बुलंद करने, नागौर सांसद की सुरक्षा बहाल करने और अफीम किसानों की ज्वलंत समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। चित्तौड़गढ़ में आरएलपी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने स्थानीय कलेक्ट्री चौराहा पर जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। इसके पश्चात, जिला कलेक्टर के माध्यम से महामहिम राज्यपाल एवं केंद्रीय वित्त मंत्री के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर सभी लंबित मांगों को अविलंब पूरा करने की पुरजोर मांग की गई।
इस विरोध-प्रदर्शन के दौरान सौंपे गए ज्ञापन में जनता और किसानों से जुड़े विभिन्न गंभीर मुद्दों को प्रमुखता से रेखांकित किया गया है। आरएलपी कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के आसमान छूते दामों को तत्काल कम कर आमजन को राहत प्रदान की जाए। इसके साथ ही, नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल की कुछ दिनों पूर्व राज्य सरकार द्वारा हटाई गई सुरक्षा को बेहद संवेदनशील मामला बताते हुए इसे पुनः बहाल करने की मांग की गई है। स्थानीय रोजगार के मुद्दे पर बल देते हुए ज्ञापन में कहा गया है कि चित्तौड़गढ़ स्थित सीमेंट फैक्ट्रियों में स्थानीय युवाओं को कम से कम 80 प्रतिशत रोजगार अनिवार्य रूप से दिया जावे, ताकि क्षेत्र के युवाओं को आजीविका के लिए पलायन करने को मजबूर न होना पड़े।
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने अफीम उत्पादक किसानों की प्रमुख और नीतिगत समस्याओं को लेकर भी केंद्र व राज्य सरकार को घेरा है। ज्ञापन में मांग की गई है कि आगामी वर्ष 2026-27 की नई अफीम नीति में अफीम मार्फिन का नियम 4.2 से घटाकर 3.5 किया जावे, जिससे सीपीएस पद्धति में जाने वाले किसानों के हजारों पट्टे कटने से बच सकें। इसके अतिरिक्त, अफीम का सरकारी भाव बढ़ाकर 10 हजार रुपये प्रति किलोग्राम करने, सीपीएस नीति को पूर्ण रूप से बंद करने तथा वर्ष 1991 से कटे हुए एवं अब तक के सभी रुके हुए पट्टे तत्काल जारी करने की मांग उठाई गई। किसानों को आ रही व्यावहारिक दिक्कतों का जिक्र करते हुए आरएलपी ने कहा कि वर्तमान में किसानों को डीएपी और यूरिया खाद कहीं भी उपलब्ध नहीं हो रहा है, अतः इसकी आपूर्ति जल्द से जल्द सुनिश्चित की जावे। इस संपूर्ण प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी की जिला कार्यकारिणी सहित समस्त ब्लॉकों के प्रमुख कार्यकर्ता और पदाधिकारी अग्रिम मोर्चे पर मौजूद रहे। आरएलपी का यह कदम आने वाले समय में क्षेत्र की कूटनीतिक और किसान राजनीति को एक नई दिशा देने का संकेत है।

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