चित्तौड़गढ़। शहर के महेशपुरम से सेंगवा हाउसिंग बोर्ड और मधुवन को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर गुरुवार को क्षेत्रवासियों ने अपने गुस्से का इजहार किया। धरणीधर चौराहे से निंबाहेड़ा रोड तक खस्ताहाल सड़कों और गंदे पानी के जमाव को लेकर स्थानीय महिलाएं प्रदर्शन पर उतरीं। उन्होंने प्रशासन पर मूलभूत समस्याओं की अनदेखी का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो बच्चे लेकर सड़क पर धरने पर बैठेंगी।

प्रदर्शन में प्रियंका गुर्जर, निर्मला धाकड़, इंद्रा हेडा, कंचन संचेती, सुशीला सुथार, ऋतु बोलिया, नीतू उपाध्याय और गुनगुन संचेती सहित बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल थीं। उन्होंने कहा कि यह मार्ग कई स्कूलों, निजी और सरकारी अस्पतालों तक पहुंचने का प्रमुख मार्ग है। निंबाहेड़ा रोड और उदयपुर मुख्य सड़क को जोड़ने वाले वाहन चालक भी इस मार्ग से प्रतिदिन गुजरते हैं, जिससे सड़कों की खराब स्थिति और जलभराव सुरक्षा और आवागमन के लिए गंभीर खतरा बन गया है।

इस मौके पर सुरेंद्र सिंह जाड़ावत क्षेत्र में पहुंचकर महिलाओं की समस्याओं को सुना और जिला कलेक्टर को तुरंत सूचित किया। कलेक्टर ने मामले को संज्ञान में लेने की बात कही। पूर्व राज्यमंत्री जाड़ावत ने बताया कि प्रशासन को शहर की मूलभूत सुविधाओं जैसे सड़क, नालियों, पानी और बिजली पर ध्यान देना आवश्यक है, और जिनके पास डीएमएफटी, यूआईटी और नगर परिषद के फंड हैं, उन्हें इसका उपयोग करना चाहिए।

इस दौरान मनोहर मेनारिया, शैलेंद्र सिंह शक्तावत, नरोत्तम हेडा, राजेंद्र संचेती, विनय उपाध्याय, खुमान सिंह सोलंकी, सुनील बोलिया, गोपाल सिंह चुंडावत और अंकुर भटनागर सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद थे। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि प्रशासन ने जल्द समाधान नहीं किया, तो आंदोलन और तेज होगा, जो सरकार और प्रशासन के लिए गंभीर चुनौती बन सकती है।

Pratahkal Bureau

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