उज्जैन से 15 दिन की पैदल यात्रा, कंधे पर चार फीट का घोड़ा लेकर रामदेवरा पहुंचे मोहन लाल
काकंरवा से होकर रामदेवरा जाने वाले जातरुओं में उज्जैन के 55 वर्षीय मोहन लाल माली भी शामिल हैं। मन्नत पूरी होने पर वे चार फीट ऊंचा काठ-कपड़े का घोड़ा कंधे पर लेकर 15 दिन से पैदल यात्रा कर रहे हैं।

तस्वीर में उज्जैन निवासी 55 वर्षीय मोहन लाल माली मन्नत पूरी होने पर रामदेवरा यात्रा के दौरान काठ और कपड़े से बने रामदेव जी के घोड़े के साथ नजर आ रहे हैं।
काकंरवा, 20 अगस्त। मन्नत पूरी होने पर रामदेवरा जाने वाले पैदल यात्रियों और वाहनों से जातरुओं के कस्बे से होकर गुजरने का क्रम जारी है। बड़ी संख्या में महिला-पुरुष हाथों में बाबा रामदेव का निशान लेकर जयकारे लगाते हुए रामदेवरा की ओर जा रहे हैं।
इन जातरुओं में कई ऐसे पैदल यात्री भी हैं, जो नंगे पैर यात्रा कर रहे हैं। वहीं, कुछ श्रद्धालु ट्राई साइकिल लेकर भी रामदेवरा की यात्रा कर रहे हैं। इसी दौरान गुरुवार को उज्जैन जिला निवासी 55 वर्षीय मोहन लाल माली आकर्षण का केंद्र रहे। वे मन्नत पूरी होने पर करीब चार फीट ऊंचा काठ और कपड़े से बनाया गया रामदेव जी का घोड़ा कंधे पर लेकर मोबाइल की मधुर स्वर लहरियों पर नाचते-झूमते रामदेवरा की पैदल यात्रा करते दिखाई दिए।
उनसे यात्रा के बारे में जानकारी लेने पर मोहन लाल माली ने बताया कि उन्होंने बाबा देव से मन्नत मांगी थी। मन्नत पूरी होने पर वे 15 दिन पहले उज्जैन से काठ का घोड़ा लेकर रामदेवरा के लिए पैदल निकले थे। उन्होंने बताया कि 15 दिन बाद रामदेवरा पहुंचने का क्रम रहेगा।
मन्नत पूरी होने के बाद काठ और कपड़े से बनाए चार फीट ऊंचे रामदेव जी के घोड़े को कंधे पर लेकर नाचते-झूमते पैदल यात्रा कर रहे मोहन लाल माली की श्रद्धा और यात्रा का यह दृश्य कस्बे से गुजरने वाले जातरुओं के बीच विशेष रूप से नजर आया।

Shivpal singh Panwar, Chittorgarh
नाम: शिव पाल सिंह पंवार
वर्तमान पद: संवाददाता (प्रातःकाल)
कार्यक्षेत्र: गाँव: कांकरवा, तहसील: भोपालसागर, जिला: चित्तौड़गढ़ (राजस्थान)
अनुभव: 10 साल
बीट और मुख्य विषय (Beats & Coverage)
- राजनीति: स्थानीय निकाय, पंचायत और क्षेत्र के राजनीतिक घटनाक्रम व जनप्रतिनिधियों के कार्यक्रमों की कवरेज।
- प्रशासन: सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली, प्रशासनिक निर्णय, जनसुनवाई और विकास कार्यों की रिपोर्टिंग।
- शिक्षा व सामाजिक मुद्दे: स्थानीय विद्यालयों की स्थिति, शिक्षा योजनाएं और ग्रामीण क्षेत्रों के सामाजिक सरोकार से जुड़े विषय।
- स्वास्थ्य: चिकित्सा सेवाएं, सरकारी स्वास्थ्य योजनाएं और जनस्वास्थ्य से जुड़े समाचार।
- जन समस्या: ग्रामीण अंचल की बुनियादी समस्याएं और आम जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाना।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी शिक्षा 11वीं तक पूरी की है।
