आरटीई भुगतान की मांग पर निजी स्कूल बंद, चित्तौड़गढ़ में कलेक्ट्रेट तक बनाई मानव श्रृंखला
चित्तौड़गढ़ में आरटीई भुगतान समेत मांगों को लेकर निजी स्कूल बंद रहे। संचालकों ने कलेक्ट्रेट तक मानव श्रृंखला निकालकर ज्ञापन सौंपा।

तस्वीर में दिख रहा है कि चित्तौड़गढ़ के जिला कलक्टर कार्यालय के भीतर निजी विद्यालय संचालक एक महिला अधिकारी को मेज के पास खड़े होकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंप रहे हैं।
राजस्थान में गैर-अनुदानित निजी विद्यालयों ने मंगलवार को शिक्षा विभाग की नीतियों और आरटीई (शिक्षा का अधिकार) से जुड़े लंबित भुगतान सहित विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत एक दिवसीय सांकेतिक बंद रखा। चित्तौड़गढ़ जिले के निजी विद्यालय संचालकों ने भी बंद में भाग लेकर विरोध दर्ज कराया और कलेक्ट्रेट तक मानव श्रृंखला निकालकर मुख्यमंत्री के नाम जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा।
गैर-अनुदानित निजी शिक्षण संस्थान चित्तौड़गढ़ के जिलाध्यक्ष नरेन्द्र कुमार पुरोहित, चित्तौड़गढ़ इंडिपेंडेंस स्कूल्स एलायंस (CISA) के अध्यक्ष जयेश भटनागर तथा प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन चित्तौड़गढ़ के अध्यक्ष कैलाश वैष्णव के नेतृत्व में जिले के निजी विद्यालय इस सांकेतिक बंद में शामिल रहे।
विद्यालय संचालकों ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद आरटीई के तहत प्री-प्राइमरी कक्षाओं का वर्ष 2022 से 2026 तक का पुनर्भरण अब तक नहीं किया गया है। वहीं अन्य कक्षाओं के पिछले सत्र के आरटीई भुगतान की प्रक्रिया भी शुरू नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्षों से आरटीई की यूनिट कॉस्ट में वृद्धि नहीं की गई है और आरटीई अभिभावकों को पुस्तकों की राशि उनके खातों में जमा करने की प्रक्रिया भी बंद कर दी गई है।
निजी विद्यालय संचालकों ने आरोप लगाया कि शाला सम्बलन ऐप के माध्यम से निजी विद्यालयों की स्वायत्तता में हस्तक्षेप किया जा रहा है और सरकार निजी विद्यालयों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है।
आंदोलन के तहत पिछले दो दिनों में विभिन्न ब्लॉक स्तर पर सीबीईओ कार्यालयों एवं उपखंड मुख्यालयों पर ज्ञापन सौंपे गए। मंगलवार को सुबह 11 बजे प्रारंभिक शिक्षा विभाग कार्यालय के बाहर निजी विद्यालय संचालक एकत्रित हुए। इसके बाद माध्यमिक शिक्षा विभाग कार्यालय होते हुए मानव श्रृंखला बनाकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिला कलक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
निजी विद्यालय संगठनों ने मांग की कि आरटीई के अंतर्गत प्री-प्राइमरी कक्षाओं का वर्ष 2022 से 2026 तक का लंबित भुगतान और अन्य कक्षाओं का बकाया भुगतान शीघ्र जारी किया जाए। इसके साथ ही शाला सम्बलन ऐप को वापस लेने, आरटीई की यूनिट कॉस्ट में वृद्धि करने तथा पुस्तकों की राशि सीधे अभिभावकों के खातों में जमा करने की मांग रखी गई।
संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी नहीं की गईं तो प्रदेशभर में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। आरटीई भुगतान और निजी विद्यालयों से जुड़ी अन्य मांगों को लेकर निजी स्कूल संचालकों का विरोध अब प्रदेश स्तर पर आगे बढ़ने की तैयारी में है।

Deepanshu Sharma, Chittorgarh
नाम: दीपांशु शर्मा
वर्तमान पद: रिपोर्टर (प्रातःकाल)
कार्यक्षेत्र: बेगू तहसील (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक एवं प्रशासनिक
अनुभव: 8 वर्ष (कुल)
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता
- राजनीतिक विश्लेषण: बेगू क्षेत्र के राजनीतिक समीकरणों का विश्लेषण और राजनीतिक घटनाक्रमों की कवरेज।
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- प्रशासनिक खबरें: प्रशासनिक निर्णयों, विभागीय कार्यप्रणालियों और अंदरूनी (अंदर खाने की) खबरों की सटीक जानकारी।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- प्रातःकाल: पिछले 3 वर्षों से लगातार 'प्रातःकाल' समाचार पत्र के साथ जुड़कर बेगू तहसील में कार्यरत हैं।
- पूर्व अनुभव: इससे पहले 5 वर्ष पूर्व से सांध्यकालीन दैनिक 'कवर स्टोरी' समाचार पत्र से जुड़े हुए थे।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
कला स्नातक (B.A.)
