जिले की ग्राम पंचायत जाशमा, अनोपपुरा और आसपास के क्षेत्रों में यूरिया खाद की गंभीर कमी ने रबी फसलों को संकट में डाल दिया है। खाद की अनुपलब्धता के कारण किसान बेहद चिंतित हैं और उनका कहना है कि फसलें विकास के महत्वपूर्ण चरण में हैं, लेकिन आवश्यक पोषण न मिलने के कारण उन्हें बड़े नुकसान का डर सताने लगा है।

इस गंभीर स्थिति को देखते हुए जाशमा ग्राम सेवा सहकारी समिति लिमिटेड के प्रतिनिधि राजेश कुमार जाट ने आज उपखंड अधिकारी महेश गागोरिया को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उन्होंने तत्काल यूरिया खाद की आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि गेहूं सहित अन्य रबी फसलों में बुवाई के बाद यूरिया डालना अनिवार्य होता है, लेकिन वर्तमान में यह उपलब्ध नहीं है।

राजेश कुमार जाट ने बताया कि यूरिया पौधों के विकास के लिए नाइट्रोजन का मुख्य स्रोत है और इसकी अनुपलब्धता का सीधा असर फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन पर पड़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि ग्राम पंचायत जाशमा में स्थित डीलर तथा अनोपुरा सहकारी समिति, जाशमा सहकारी समिति और काना खेड़ा सहकारी समिति में खाद उपलब्ध नहीं है, जिससे किसानों को निरंतर भटकना पड़ रहा है।

ज्ञापन में उपखंड अधिकारी से आग्रह किया गया कि किसानों को राहत देने के लिए सहकारी समितियों और डीलरों को तत्काल खाद मंगवाने का आदेश जारी किया जाए। इस पर उपखंड अधिकारी महेश गागोरिया ने आश्वासन दिया कि सभी सहकारी समितियों को आज ही यूरिया खाद मंगवाने के लिए निर्देशित किया जाएगा और किसानों की समस्या का शीघ्र समाधान किया जाएगा।

किसानों का कहना है कि यदि खाद की आपूर्ति समय पर नहीं हुई, तो रबी फसलें गंभीर संकट का सामना कर सकती हैं। प्रशासन द्वारा तुरंत कदम उठाने की आवश्यकता इस समस्या की गंभीरता को दर्शाती है।

Pratahkal Bureau

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