पुरोहितों का सांवता गांव में रैदास कॉलोनी के समीप कथित रूप से हो रहे अवैध हेवी ब्लास्टिंग और खनन से उत्पन्न गंभीर क्षति के विरोध में सैकड़ों प्रभावित ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट चौराहे पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, सांसद, विधायक, तहसीलदार, एसडीएम, खनिज विभाग तथा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को ज्ञापन सौंपकर अवैध खनन एवं ब्लास्टिंग पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि रैदास कॉलोनी के पास स्थित राज इंटरप्राइजेज और जेपी फर्नीचर वाले की माइन्स में लंबे समय से अवैध रूप से भारी मात्रा में विस्फोट कर रेत निकाली जा रही है, जिससे आसपास के क्षेत्रों में गंभीर क्षति हो रही है। जगदीशचन्द्र पुरोहित ने बताया कि इस गतिविधि से मकानों में दरारें पड़ रही हैं, प्लास्टर गिर रहा है तथा समीप स्थित सरकारी स्कूल भवन और आसपास के खेतों में बड़े-बड़े पत्थर उछलकर आ रहे हैं, जिससे ग्रामीणों के जान-माल को खतरा उत्पन्न हो गया है।

जीएसएस अध्यक्ष रमेश पुरोहित ने बताया कि पूर्व में माइन्स मालिक जयप्रकाश सिंधी को मौखिक रूप से शिकायत की गई थी, जिस पर भविष्य में ऐसी गतिविधि न करने का आश्वासन दिया गया था। इसके बावजूद 09 जून को दोपहर लगभग ढाई से तीन बजे के बीच भारी विस्फोट किया गया, जिससे आसपास के खेतों में बड़े पत्थर गिरकर जमीन में करीब एक फीट तक धंस गए। उस समय खेतों में किसान एवं मजदूर कार्यरत थे, जो गंभीर खतरे में आ गए।

प्रभावित ग्रामीणों ने बताया कि विस्फोट के कारण कई मकानों की दीवारों में दरारें आ गई हैं तथा गांव के सोहन, शंकर, कालू, नारायण, रतन, देवीलाल, मांगू, मोहन, रतनलाल, हजारी, बालु, शंकर, नारायणलाल, प्रेमचंद सहित अनेक लोगों के घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। बाबा रामदेव मंदिर भी इस घटना में क्षतिग्रस्त हो गया है। ओमप्रकाश जटिया ने बताया कि एक बच्ची के सिर में चोट भी आई है, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश और भय का माहौल है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विस्फोट के बाद कुछ समय तक स्थिति अत्यंत भयावह हो गई, जिसके चलते लोग घरों से बाहर निकल आए। शिकायतों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होने पर ग्रामीणों ने एफआईआर दर्ज करवाई, हालांकि आरोप है कि रसूखदार होने के कारण अवैध खननकर्ता पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पाती।

प्रेमचंद ने बताया कि माइन्स क्षेत्र में न तो सुरक्षा दीवार है और न ही उचित घेराबंदी, जिसके कारण गौवंश एवं अन्य पशु खानों में गिरकर घायल हो रहे हैं। साथ ही माइन्स क्षेत्र में अलॉटेड भूमि से बाहर भी अतिक्रमण किया गया है। पूर्व में आईएफएफडीसी द्वारा लगाए गए पौधों और नर्सरी को नष्ट कर मिट्टी एवं कचरा डाल दिया गया है। पास स्थित नाड़ी को भी अतिक्रमित कर समाप्त कर दिया गया है।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि खननकर्ता द्वारा गांव के हित में सीएसआर फंड के तहत कोई कार्य नहीं किया जा रहा है तथा कई रास्तों को भी अवरुद्ध कर दिया गया है। इस दौरान रमेश पुरोहित, शंकरलाल, माधवलाल, ओमप्रकाश, प्रेमचंद, शांतिलाल, डालूलाल, मुकेश, भेरूलाल, पप्पू, सुरेश, देवीलाल, राधेश्याम, दिनेश, कैलाश, सन्नी, हजारीलाल, माधुलाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

ग्रामीणों ने प्रशासन से अवैध खनन एवं ब्लास्टिंग तत्काल बंद कराने तथा प्रभावित परिवारों एवं संपत्तियों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग दोहराई है। मामला गंभीर होने के चलते क्षेत्र में तनाव और आक्रोश की स्थिति बनी हुई है।A

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