चित्तौड़गढ़। जीवन की अंतिम घड़ी में भी दूसरों के लिए उजाला फैलाना ही सच्ची मानवता है। इसी भावनात्मक और सामाजिक संवेदनशीलता का परिचय शनिवार को गांधीनगर निवासी दलपत सिंह तातेड के आकस्मिक निधन के बाद उनके परिजनों ने दिया। इस दौरान तातेड परिवार ने मरणोपरांत नेत्रदान करने का निर्णय लेकर समाज में सेवा और मानवता का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया।

तातेड परिवार के सदस्य लक्ष्मी लाल, विजय प्रकाश, राजकुमार, यश, विकास, राजकुमार सुराना, नवीन रांका सहित अन्य परिजनों की उपस्थिति में महावीर इंटरनेशनल की टीम ने बिरला चिकित्सालय में नेत्रदान की प्रक्रिया पूरी की। इस अवसर पर महावीर इंटरनेशनल के सी. पी. जैन और अभय संजेती भी मौजूद रहे।

नेत्र चिकित्सालय के विशेषज्ञ मनोज वैष्णव द्वारा कॉर्निया उत्सर्जन की प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न की गई। प्राप्त दोनों नेत्रों से अब दो दृष्टिहीन व्यक्तियों को जीवन में रोशनी का उपहार मिलेगा।

इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया कि मरणोपरांत अंगदान केवल जीवन को आगे बढ़ाने का माध्यम नहीं बल्कि समाज में मानवता, सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व की प्रेरणा भी है। तातेड परिवार द्वारा किए गए इस नेक कार्य ने अन्य नागरिकों के लिए भी एक प्रेरणास्पद संदेश छोड़ा है।

Pratahkal Bureau

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