विद्यालयों में शारीरिक शिक्षकों की भूमिका केवल खेल प्रतिभाओं को निखारने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे विद्यार्थियों में जीवन की कठिन परिस्थितियों का सामना करने का आत्मविश्वास भी विकसित करें। बच्चों को ऐसी शिक्षा दें कि वे जीवन के उतार-चढ़ाव और चुनौतियों का हंसते-मुस्कुराते सामना कर सकें तथा कभी निराश न हों। यह बात विधायक अर्जुनलाल जीनगर ने सोमवार को प्रारंभिक शिक्षा के शारीरिक शिक्षकों की दो दिवसीय जिला स्तरीय संगोष्ठी के शुभारंभ समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में जाशमा मंगरा शनिधाम में कही।

विधायक अर्जुनलाल जीनगर ने कहा कि राज्य सरकार खेलों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने शारीरिक शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं के समाधान का भरोसा भी दिलाया। संगोष्ठी के जिला अध्यक्ष तिलकेश आचार्य की विशेष मांग पर विधायक अर्जुन लाल जीनगर ने भूपालसागर में खेल भवन निर्माण के लिए 15 लाख रुपए देने की घोषणा की।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सीबीईओ लक्ष्मण सिंह चुंडावत ने कहा कि शारीरिक शिक्षक नए भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। वे विद्यालयों में छिपी खेल प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ाने का कार्य करते हैं।

विशिष्ट अतिथि शनिधाम जाशमा मंगरा मंदिर मंडल अध्यक्ष शांतिलाल जाट ने कहा कि शिक्षा और संस्कृति किसी भी राष्ट्र की पहचान होती है तथा शिक्षक समाज ही देश के भविष्य का निर्माण करता है।

इस अवसर पर पूर्व प्रधान एवं मंडल अध्यक्ष हेमेंद्र सिंह राणावत, एसटी मोर्चा जिला अध्यक्ष एवं प्रदेश कार्यसमिति सदस्य पन्नालाल भील, वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता लीलाधर जोशी, पूर्व जिला मंत्री बलंत ओसवाल, जिला परिषद सदस्य प्रतिनिधि रतनलाल जाट, मंडल महामंत्री कमलेश गाडरी, प्रशासक देवीलाल लोहार, मंडल उपाध्यक्ष भेरूलाल लोहार, एसीबीईओ ताज मोहम्मद, उप जिला शिक्षा अधिकारी (शारीरिक शिक्षा) राजबहादुर भंसाली, अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिलाध्यक्ष कैलाशचंद्र मालू, खेल अनुभाग के जगदीशचंद्र खटीक तथा वाकपीठ जिला अध्यक्ष तिलकेश आचार्य मौजूद रहे।

संगोष्ठी के प्रथम दिन विभिन्न खेलों पर विशेषज्ञों ने प्रशिक्षण प्रदान किया। इसमें कबड्डी पर शांतिलाल खटीक और हॉकी पर रईस मोहम्मद ने तकनीकी जानकारी देते हुए प्रशिक्षण दिया।

समारोह में जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कराने वाले शारीरिक शिक्षकों का विधायक अर्जुनलाल जीनगर एवं अतिथियों ने सम्मान किया। सम्मानित होने वाले शारीरिक शिक्षकों में कैलाश चंद्र जाट, कान सिंह राठौड़, डूंगर सिंह राजपूत, मनोज राजोरा, नानालाल पुर्बिया, रतनलाल गाडरी व नानालाल जाट सम्मिलित रहे।

कार्यक्रम का संचालन वाकपीठ सचिव पारस टेलर ने किया। प्रारंभ में भूपालसागर के शारीरिक शिक्षकों ने संतोष भट्ट, भगवतीलाल मेनारिया एवं मोहनलाल छींपा के नेतृत्व में अतिथियों का स्वागत किया। समारोह में उत्कर्ष विद्या मंदिर के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं।

दो दिवसीय जिला स्तरीय शारीरिक शिक्षक संगोष्ठी के माध्यम से खेल शिक्षा, प्रतिभा पहचान और विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में शारीरिक शिक्षकों की भूमिका पर जोर दिया गया।

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