निम्बाहेड़ा। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के तत्वाधान में उपखण्ड समुचित प्राधिकारी (पीसीपीएनडीटी) एवं जिला नोडल अधिकारी की उपस्थिति में पीसीपीएनडीटी अधिनियम और चिकित्सकों की गर्भधारण पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम 1994 पर कार्यशाला आयोजित की गई। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य समुचित प्राधिकरणों, चिकित्सकों और निजी चिकित्सा संस्थानों को अधिनियम की विस्तृत जानकारी प्रदान करना था।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी चित्तौड़गढ़ डॉ. ताराचंद गुप्ता ने बताया कि राज्य सरकार की अधिसूचना के माध्यम से चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को उपखण्ड समुचित प्राधिकारी नियुक्त किया गया है। प्रशिक्षण में समुचित प्राधिकरणों को पीसीपीएनडीटी अधिनियम की गहन जानकारी दी गई और राज्य सरकार द्वारा चलायी जा रही विभिन्न योजनाओं की विस्तारपूर्वक जानकारी साझा की गई। इसके अलावा, मुखबिर योजना और भ्रूण लिंग परीक्षण से संबंधित शिकायतों के लिए विभाग द्वारा जारी व्हाट्सएप नंबर 97999 97795 की जानकारी भी प्रदान की गई।

डॉ. गुप्ता ने बताया कि प्रशिक्षण में पंजीकृत और संचालित सोनोग्राफी केन्द्रों को अधिनियम के अनुसार अपनाए जाने वाले नियम और रिकॉर्ड की जानकारी दी गई। समुचित प्राधिकरणों को अधिनियम के अनुरूप आचार संहिता के पालन की महत्वपूर्ण जानकारी भी दी गई।

अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (प्रशासन) डॉ. घनश्याम चावला ने सोनोग्राफी केन्द्रों के संचालकों को राज्य सरकार की विभिन्न मॉ योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी और गर्भवती महिलाओं की सोनोग्राफी नियत समय पर कूपन के अनुसार कराने के निर्देश दिए।

जिला पीसीपीएनडीटी समन्वयक षफीक इकबाल शेख ने अधिनियम के कानूनी पहलुओं की बारीकी से जानकारी दी तथा राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों और परिपत्रों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रियंका वर्मा, डीटीओ डॉ. राकेश भटनागर, डीपीएम विनायक मेहता, खुशवंत कुमार हिण्डोनिया, डाटा मैनेजर डॉ. महेन्द्र बालोत, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित जैन, डॉ. कमलेश जैन, डॉ. ओपी भंडारी, डॉ. कृष्णा मेहता, डॉ. पुनिता शर्मा, डॉ. प्रतिभा सनाढ्य, डॉ. सुमित शर्मा, डॉ. वैभव जैन, डॉ. शशि कान्त और निजी अस्पतालों के संचालक एवं चिकित्सक उपस्थित रहे।

इस प्रशिक्षण से समुचित प्राधिकरणों और चिकित्सकों को पीसीपीएनडीटी अधिनियम के पालन और राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी सुनिश्चित कराई गई, जिससे गर्भधारण पूर्व और प्रसव पूर्व निदान तकनीक में कानूनी और नैतिक मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित होगा।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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