पारसोली फूल डोल महोत्सव: लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ का शाही स्वागत और संबोधन
चित्तौड़गढ़ के पारसोली में 46वें फूल डोल महोत्सव के दौरान डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने शिरकत की और बालिका शिक्षा व सांस्कृतिक विरासत के महत्व पर जोर दिया।

पारसोली। चित्तौड़गढ़ जिले के पारसोली कस्बे स्थित प्राचीन नरसिंहद्वारा में रविवार को 46वें फूल डोल महोत्सव का भव्य, दिव्य और ऐतिहासिक आयोजन संपन्न हुआ। इस महोत्सव की गरिमा उस समय और बढ़ गई जब उदयपुर महाराणा मेवाड़ चैरिटेबल फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। बेगूं क्षेत्र के धार्मिक और सांस्कृतिक इतिहास में यह पहला अवसर था जब किसी प्रमुख शाही हस्ती ने पारसोली के इस पारंपरिक उत्सव में शिरकत की, जिसके चलते संपूर्ण कस्बे में अभूतपूर्व उत्साह का माहौल देखा गया।
डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ के आगमन पर पारसोली की धरा पर ग्रामीणों ने उनका पलक-पावड़े बिछाकर शाही अंदाज में अभिनंदन किया। पारसोली बस स्टेशन चौराहे पर विशेष रूप से सजे हुए रथ, पालकी, ऊंटों और घोड़ों के काफिले के साथ उनका स्वागत किया गया, जिससे पूरा वातावरण उत्सवमय हो गया। स्वागत के इस क्रम में बैंड-बाजों और ढोल-नगाड़ों की थाप पर ग्रामीणों ने अपनी परंपरा और श्रद्धा का प्रदर्शन किया। इससे पूर्व समाजसेवी जितेंद्र सिंह राठौड़ ने नाहरगढ़ लेक पैलेस पर डॉ. लक्ष्यराज सिंह और उनके परिजनों का पुष्पवर्षा कर आत्मीय स्वागत किया, जहां उन्होंने वहां मौजूद घोड़ों का भी बारीकी से अवलोकन किया। इस दौरान मांगीलाल गुर्जर, भंवर सिंह छोटा खेड़ा, खेरपुर के पूर्व सरपंच शंभू लाल धाकड़, भोलेश भट्ट, रतन सिंह चौहान, धीरज नाहर सहित अनेक गणमान्य जन उपस्थित रहे।
नरसिंहद्वारा के महंत रामदास त्यागी महाराज के पावन सानिध्य में आयोजित इस महोत्सव की शोभायात्रा भगवान श्री सत्यनारायण के जयकारों से गुंजायमान रही। शोभायात्रा में जोधपुर के कुशल कलाकारों द्वारा प्रस्तुत आकर्षक झांकियां और पारंपरिक नृत्य आकर्षण का केंद्र रहे। बड़ी संख्या में श्रद्धालु भजन-कीर्तन की धुनों पर थिरकते हुए चल रहे थे, वहीं डॉ. लक्ष्यराज सिंह की एक झलक पाने के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। पूरी व्यवस्थाओं में समाजसेवी जितेंद्र सिंह राठौड़ ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया।
महोत्सव का समापन सालेटिया ग्राउंड में आयोजित एक विशाल भजन संध्या और सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ हुआ। सुप्रसिद्ध भजन गायक छोटू सिंह रावणा और दिव्या वैष्णव ने अपनी प्रस्तुतियों से भक्ति का ऐसा समां बांधा कि श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने मेवाड़ के गौरवशाली इतिहास और सामाजिक चेतना पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मेवाड़ ने वर्ष 1864 में ही बालिका शिक्षा की दूरदर्शी पहल कर दी थी, जब महाराणा शंभू सिंह जी ने पहली बालिका पाठशाला खोली थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि मेवाड़ की सदैव यह मान्यता रही है कि एक बालिका के शिक्षित होने से न केवल परिवार बल्कि पूरा समाज शिक्षित होता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि 21वीं शताब्दी हिंदुस्तान की होगी, जिसका मार्ग हमारी समृद्ध संस्कृति से ही प्रशस्त होगा।
इस गौरवशाली अवसर पर राकेश पितलिया, दीपक सिंधी, कन्हैयालाल गुर्जर, नारायण गुर्जर, भंवर सिंह, दिनेश सोनी, अजीत पितलिया, नीरज तिवारी, गोपाल सेन, कमलेश माली सहित क्षेत्र के हजारों श्रद्धालु और प्रबुद्ध जन साक्षी बने।

Deepanshu Sharma, Chittorgarh
नाम: दीपांशु शर्मा
वर्तमान पद: रिपोर्टर (प्रातःकाल)
कार्यक्षेत्र: बेगू तहसील (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक एवं प्रशासनिक
अनुभव: 8 वर्ष (कुल)
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता
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पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- प्रातःकाल: पिछले 3 वर्षों से लगातार 'प्रातःकाल' समाचार पत्र के साथ जुड़कर बेगू तहसील में कार्यरत हैं।
- पूर्व अनुभव: इससे पहले 5 वर्ष पूर्व से सांध्यकालीन दैनिक 'कवर स्टोरी' समाचार पत्र से जुड़े हुए थे।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
कला स्नातक (B.A.)
