चिकारड़ा। मंगलवाड़–निंबाहेड़ा राजमार्ग पर स्थित चिकारड़ा के दोनों बस स्टैंड पर चार पहिया वाहन चालकों द्वारा अपने वाहन सड़क पर खड़ा करने से गुरुवार को घंटों तक जाम की स्थिति बनी, जिससे तीन एंबुलेंस में सवार मरीजों की जान को खतरा पैदा हो गया। यह घटना स्थानीय लोगों और यात्रियों के लिए गंभीर संकट का कारण बनी।

घटना के अनुसार, बस स्टैंड पर RJ 37 नंबर का वाहन सड़क पर खड़ा कर चालक मार्केट में अपने काम के लिए चले गए। इससे उत्पन्न जाम की स्थिति इतनी गंभीर थी कि तीन-तीन एंबुलेंस एक साथ फंस गईं। यातायात बाधित होने के कारण मरीजों को एंबुलेंस में घंटों इंतजार करना पड़ा।

स्थानीय ग्रामीण अंबालाल ने बताया कि चिकारड़ा में सड़कों का स्वरूप पहले ही संकड़ा है, लेकिन चार पहिया वाहन चालक अपने कार्य के लिए रोड पर वाहन खड़ा कर देते हैं। इसके बावजूद यातायात व्यवस्था के लिए कोई पुलिसकर्मी या यातायात कर्मचारी तैनात नहीं हैं, जिससे बार-बार जाम की स्थिति बनती रहती है। उन्होंने कहा, “बाईपास तो बनेगा तब बनेगा, लेकिन तब तक बस स्टैंड पर दो सुरक्षाकर्मी लगाए जाएं ताकि जाम की स्थिति ना बने। बड़े वाहनों को निंबाहेड़ा से चित्तौड़ की ओर डायवर्ट किया जाए, जिससे एंबुलेंस को आराम से रास्ता मिल सके और मरीजों की जान पर खतरा न आए।”

स्थानीय लोगों की ओर से यह भी कहा गया कि दोनों बस स्टैंड से अतिक्रमण हटाने की कोई कार्रवाई नहीं हुई है और यातायात की सुचारु व्यवस्था के लिए आवश्यक कदम नहीं उठाए गए हैं। इस स्थिति के चलते क्षेत्रवासियों और यात्रियों को बार-बार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

घंटों तक फंसी एंबुलेंस की स्थिति ने इस समस्या की गंभीरता को उजागर किया। यह घटना यह दर्शाती है कि अगर यातायात और अतिक्रमण नियंत्रण के लिए त्वरित और ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो मानव जीवन के लिए जोखिम बढ़ता रहेगा।

Pratahkal Bureau

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