मनीष रातड़िया ने बताया कि भीषण गर्मी के चलते पक्षियों को दाने और पानी की समस्या रहती हैं। "ये बिन बोले पक्षी अपनी पीड़ा किसी को बता भी नहीं सकते और पानी के अभाव में कई पक्षी मर जाते हैं।" इसलिए जैन ने अपना जन्मदिन इन पक्षियों के नाम पर मनाया।

संकल्प और सेवा का संगम

अपने 71वे जन्मदिन पर जैन ने 71 से ज्यादा परिंडे निःशुल्क बाटने का संकल्प लिया। इस अवसर पर जैन ने अपने इष्टदेव भैरवदेव के मंदिर पर परिंडा बांधकर शुरुआत की। गाँव के ख़ाकल देव मंदिर, देवनारायण मंदिर पर भी परिंडा बांधा गया।

समाज को किया प्रेरित

जैन द्वारा इन पक्षियों के लिए परिंडों की निःशुल्क व्यवस्था की गई हैं और उन्होंने अपने मित्रों को भी इन बिन बोले पक्षियों के लिए परिंडे बांधकर नित प्रतिदिन पानी भरने हेतु प्रेरित किया।

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