चित्तौड़गढ़। राजस्थान में वर्षों से संविदा पर कार्यरत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के चिकित्सा विभागीय कर्मचारियों ने सोमवार को सामूहिक अवकाश लेकर अपनी मांगों का जोरदार प्रदर्शन किया। इस अवकाश के कारण विभाग के विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों में व्यवधान उत्पन्न हुआ।

एनएचएम मैनेजमेंट संवर्ग के अध्यक्ष राहुल जैन ने बताया कि राज्य में 4518 पदों के लिए लागू राजस्थान कांट्रेक्चुअल हायरिंग टू सिविल पोस्ट रूल्स 2022 के तहत पात्र कर्मचारियों को नियमित करने की प्रक्रिया चिकित्सा विभाग द्वारा पूरी की जा रही है। बावजूद इसके, अब तक किसी भी संविदा कर्मचारी को नियमित करने का लाभ नहीं मिला है। जैन ने आगे बताया कि सीएसआर नियम लागू होने के बाद कई कर्मचारियों की असामयिक मृत्यु हो चुकी है, जिन्हें कोई आर्थिक लाभ नहीं मिला। तीन वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद एक भी एनएचएम प्रबंधकीय संविदा कर्मचारी को नियमित नहीं किया गया है, जिससे कर्मचारियों में भारी रोष व्याप्त है।

वहीं, कर्मचारियों का कहना है कि चिकित्सा विभाग में कार्यरत होने के बावजूद उन्हें आरजीएचएस का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है। इस असंतोष के चलते एनएचएम प्रबंधकीय संवर्ग के संविदा कर्मचारियों ने जिला मुख्यालय पर मुख्यमंत्री के नाम उपखंड अधिकारी एवं अति कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें पांच दिनों में पूरी नहीं हुईं, तो राज्यव्यापी आंदोलन किया जाएगा।

ज्ञापन सौंपने के दौरान सचिन अग्रवाल, अनिल शर्मा, खुशवंत कुमार हिण्डोनिया, नारायण बुनकर, दिग्विजय सिंह, तरुण सुखवाल, कमलेश, राजेश अजमेरा, शंकर वैष्णव और राकेश शर्मा सहित कई अन्य कर्मचारी उपस्थित थे। इस विरोध ने संविदा कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा, नियमितीकरण और वैधानिक अधिकारों की मांग को सार्वजनिक रूप से उजागर किया है, जो राज्य के स्वास्थ्य ढांचे पर भी गंभीर प्रभाव डाल सकता है।

Pratahkal Bureau

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