चित्तौड़गढ़। राजस्थान अनुसूचित जाति, जनजाति वित्त एवं विकास सहकारी निगम लिमिटेड ने अपने समस्त ऋणियों के लिए राहत का बड़ा कदम उठाया है। निगम मुख्यालय जयपुर के प्रबंध निदेशक द्वारा लागू की गई एकमुश्त समाधान योजना अब 31 दिसम्बर 2025 तक बढ़ा दी गई है।

परियोजना प्रबंधक अनुजा निगम, जितेन्द्र कुमार गढ़वाल ने बताया कि यह योजना प्रारंभ में 01 मई से 30 अक्टूबर 2025 तक थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर वर्ष के अंत तक कर दिया गया है। योजना के तहत, 31 मार्च 2024 तक अनुजा निगम से ऋण प्राप्त करने वाले सभी लाभार्थी इस एकमुश्त समाधान योजना का लाभ ले सकते हैं।

गढ़वाल ने स्पष्ट किया कि ऋणी द्वारा अतिदेय मूलधन का भुगतान करने पर साधारण ब्याज और दंडनीय ब्याज को माफ किया जाएगा, जबकि मूलधन राशि पर किसी भी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी। इस योजना का उद्देश्य ऋणियों को आर्थिक राहत प्रदान करना और उनके वित्तीय बोझ को कम करना है।

ऋणी योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए या योजना से संबंधित समस्त जानकारी प्राप्त करने हेतु कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस पर परियोजना प्रबंधक, अनुजा निगम, कमरा नंबर-36, कलेक्ट्रेट परिसर में संपर्क किया जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम विशेष रूप से अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के लाभार्थियों के लिए महत्वपूर्ण राहत का अवसर प्रदान करता है।

यह योजना न केवल ऋणियों की तत्काल आर्थिक समस्याओं को कम करेगी, बल्कि उन्हें भविष्य में वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के लिए भी प्रोत्साहित करेगी, जिससे स्थानीय समुदायों में आर्थिक स्थिरता और भरोसे का माहौल उत्पन्न होगा।

Pratahkal Bureau

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