भारत की प्रमुख बिल्डिंग मटीरियल कंपनी न्युवोको विस्टास कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने 30 जून, 2026 को समाप्त वित्तवर्ष 2027 की पहली तिमाही के अपने वित्तीय नतीजों की घोषणा करते हुए मजबूत कारोबारी प्रदर्शन और क्षमता विस्तार कार्यक्रम में महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की है। कंपनी ने तय समय से पहले सूरत के लिमला सीमेंट प्लांट में 2 एमएमटीपीए की ग्राइंडिंग क्षमता का उद्घाटन कर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है।

कंपनी के अनुसार, सूरत के लिमला प्लांट में समय से पहले शुरू हुई नई ग्राइंडिंग क्षमता उसकी प्रोजेक्ट पूरा करने की क्षमता का मजबूत प्रमाण है। इससे पश्चिमी भारत में कंपनी की मौजूदगी का विस्तार होगा, जबकि उत्तरी बाजार के लिए राजस्थान स्थित प्लांट में आवश्यक क्षमता उपलब्ध हो सकेगी। कच्छ में प्रोजेक्ट ऑपरेशन का कार्य भी निर्धारित योजना के अनुरूप आगे बढ़ रहा है और इसके वित्तवर्ष 2027 की तीसरी तिमाही से चरणबद्ध तरीके से शुरू होने की उम्मीद है। इसके अलावा गुजरात के विरमगाम, सचाना में एक बल्क सीमेंट टर्मिनल पर कार्य शुरू हो गया है, जिसमें अलग रेलवे साइडिंग भी होगी। इस सुविधा को वित्तवर्ष 2028 की दूसरी तिमाही तक चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। कंपनी का कहना है कि यह टर्मिनल गुजरात बाजार में उसकी मौजूदगी को मजबूत करने और पहुंच बढ़ाने के लिए रणनीतिक डिस्ट्रीब्यूशन हब के रूप में कार्य करेगा। इन पहलों के साथ कंपनी का क्षमता विस्तार कार्यक्रम भी योजना के अनुसार आगे बढ़ रहा है, जिससे वित्तवर्ष 2028 तक न्युवोको की कुल सीमेंट क्षमता 35 एमएमटीपीए हो जाएगी।

वित्तवर्ष 2027 की पहली तिमाही में कंपनी ने 5.3 एमएमटी का सीमेंट बिक्री वॉल्यूम हासिल किया, जो साल-दर-साल 5 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। इसी अवधि में कंपनी की कुल आय साल-दर-साल 9 प्रतिशत बढ़कर 3,129 करोड़ रुपये रही। कंपनी ने एबिटिडा में भी साल-दर-साल 7 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज करते हुए इसे 572 करोड़ रुपये तक पहुंचाया, जो कंपनी के इतिहास में किसी भी पहली तिमाही का अब तक का सबसे अधिक एबिटिडा है।

कंपनी के प्रदर्शन पर न्युवोको विस्टास कॉर्प. लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर जयकुमार कृष्णास्वामी ने कहा कि कंपनी ने साल की मजबूत शुरुआत की है और जियोपॉलिटिकल तनाव जैसी बड़ी चुनौतियों के बावजूद बेहतर बिजनेस परफॉर्मेंस दी है। उन्होंने कहा कि कंपनी ने एबिटिडा और पीएटी दोनों में साल-दर-साल मजबूत ग्रोथ हासिल की है। उनके अनुसार, यह प्रदर्शन कंपनी की मजबूत कार्यक्षमता को दर्शाता है, जिसे लागत पर नियंत्रण और ऑपरेशनल दक्षता पर लगातार ध्यान देने से बल मिला है।

जयकुमार कृष्णास्वामी ने कहा कि ग्रोथ एजेंडे के तहत सूरत के लिमला में ग्राइंडिंग यूनिट का समय से पहले उद्घाटन कंपनी की प्रोजेक्ट पूरा करने की क्षमता और जमीनी स्तर पर टीमों के समर्पण का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि पूंजी निवेश के प्रति कंपनी के अनुशासित दृष्टिकोण को और मजबूत करती है तथा आने वाली तिमाहियों में कच्छ में शेष क्षमता शुरू करने की दिशा में मजबूत आधार तैयार करती है, जिससे पश्चिमी और उत्तरी भारत में कंपनी की उपस्थिति और अधिक सुदृढ़ होगी।

Next Story