निकुंभ के समता भवन में 17 दिनों से प्रवचन जारी, निश्चल मुनि ने धर्म और सादगी का बताया महत्व
निकुंभ के समता भवन में 17 दिनों से जारी प्रवचन में निश्चल मुनि म.सा. ने भगवान की भक्ति, साधन-साध्य, सादगी, वेश-भूषा, ईमानदारी और कर्म बंधनों के प्रभाव पर श्रावकों को महत्वपूर्ण संदेश दिया।

तस्वीर में निकुंभ कस्बे के समता भवन के मुख्य द्वार से बाहर आते हुए श्रद्धालु नजर आ रहे हैं।
बड़ी सादड़ी। निकुंभ कस्बे के समता भवन में आचार्य रामलाल जी म.सा. के आज्ञानुवर्ती सुशिष्य शासन दीपक निश्चल मुनि म.सा. आदि ठाणा 2 के सानिध्य में विगत 17 दिनों से प्रवचन जारी हैं। प्रवचन के दौरान मुनि श्री ने उपस्थित श्रावकों को मानव जीवन, धर्म, साधन-साध्य, वेश-भूषा और भगवान की भक्ति के महत्व पर संबोधित किया।
मुनि श्री ने कहा कि आज के युग में मनुष्य भगवान को तो मानता है, परंतु भगवान की नहीं मानता है। उन्होंने मानव जीवन में साधन और साध्य के महत्व को समझाते हुए आत्मा और शरीर का उदाहरण दिया। शरीर को साधन बताते हुए आत्मा रूपी साध्य के उपयोग से परमात्मा को प्राप्त करने का सुगम मार्ग बताया।
उन्होंने मानव जीवन में वस्त्र धारण करने के महत्व पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हर जगह वस्त्रों के उपयोग का अपने आप में अलग महत्व होता है। साधु-संत, पुलिस के कर्मचारी तथा विद्यालय के बालक-बालिका अपनी पोशाक से पहचाने जाते हैं। पोशाक से ही उनकी मर्यादा निर्धारित होती है। वेश लज्जा निवारण के लिए होता है, प्रदर्शन के लिए नहीं। वेश-भूषा मनुष्य की पहचान होती है।
मुनि श्री ने कहा कि ईमानदारी और वफादारी के बिना धर्म नहीं चलता है। क्रोध हमारे जीवन में गुणों का खात्मा करता है। मनुष्य का आहार और वेश सादगी भरा तथा पवित्र होना चाहिए। इसी प्रकार भगवान की भक्ति भी सादगीपूर्ण होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भगवान से प्रार्थना करते समय सुदृष्टि वंदन करना चाहिए। भगवान की वाणी दृष्टि को पवित्र करती है।
प्रवचन में मुनि श्री ने मानव जीवन में कर्म बंधनों के प्रभाव को भी बताया। उन्होंने कहा कि मनुष्य अपने कर्म बंधनों के कारण ही दुःख उठाने के लिए मजबूर होता है।
कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत जैन संघ के अध्यक्ष महावीर कुमार मेहता ने किया। आभार मंत्री सुरेश कुमार सहलोत ने जताया। श्री राम सत्संग सेवा परिषद के अध्यक्ष प्रेम सिंह सिसोदिया ने समस्त सनातन श्रावकों की ओर से मुनि श्री के स्वास्थ्य की सुख-साता पूछते हुए विनय वंदन किया।

Pradeep Vaishnav, Chittorgarh
नाम: प्रदीप वैष्णव
वर्तमान पद: रिपोर्टर
कार्यक्षेत्र: बड़ी सादड़ी तहसील
अनुभव: 26 साल (सन 2000 से 'प्रातःकाल' के साथ कार्यरत)
परिचय
प्रदीप वैष्णव बड़ी सादड़ी तहसील क्षेत्र के एक अनुभवी पत्रकार हैं। वह स्थानीय समाचारों, सामाजिक गतिविधियों, शिक्षा और क्राइम रिपोर्टिंग के क्षेत्रों में मुख्य रूप से सक्रिय हैं। वह सामाजिक, शैक्षणिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़े विषयों में विशेष रुचि रखते हैं। तथ्यात्मक और सरल रिपोर्टिंग को प्राथमिकता देना तथा जनहित से संबंधित विषयों को निष्पक्ष रूप से प्रस्तुत करना उनकी कार्यशैली का हिस्सा है।
बीट और विशेषज्ञता
- स्थानीय समाचार: बड़ी सादड़ी तहसील और आसपास के क्षेत्रों से जुड़े स्थानीय व सामाजिक मुद्दों की रिपोर्टिंग।
- क्राइम: क्षेत्र की कानून-व्यवस्था, पुलिस कार्रवाई और अपराध से जुड़े मामलों की कवरेज।
- शिक्षा: शैक्षणिक गतिविधियां, विद्यार्थियों से जुड़े विषय और शिक्षा संबंधी समाचार।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
B.A. जर्नलिज्म (पत्रकारिता में स्नातक)
