निम्बाहेड़ा। चित्तौड़गढ़ जिले की निम्बाहेड़ा पुलिस ने हाईवे पर आतंक का पर्याय बने एक ऐसे शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो स्वयं को फाइनेंस कंपनी का कर्मचारी बताकर वाहन चालकों से लूटपाट की वारदातों को अंजाम देते थे। कोतवाली निम्बाहेड़ा पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई में गिरोह के सरगना सहित कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक किशोर को भी निरुद्ध किया गया है। आरोपियों के पास से लूटी गई एक मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है।

क्षेत्र में हाईवे पर अकेले वाहन चालकों को अपना निशाना बनाने की घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही थी। गिरोह के सदस्य सुनसान सड़कों पर बाइक सवारों को रोकते थे और उन्हें उनके दुपहिया वाहन की किश्तें बकाया होने का डर दिखाकर डराते-धमकाते थे। इसके बाद मारपीट कर उनसे मोबाइल, नगदी और वाहन लूट लिए जाते थे। इन गंभीर आपराधिक घटनाओं को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह ने इसे प्राथमिकता पर लेते हुए सक्रिय गिरोह को चिन्हित कर धरपकड़ के निर्देश दिए थे।

एएसपी मुकुल शर्मा के निर्देशन और डीएसपी बद्रीलाल राव के पर्यवेक्षण में थानाधिकारी रामसुमेर के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने गहन सुराग जुटाते हुए इन्द्रा कॉलोनी नयागांव निवासी महिपाल गायरी और निम्बाहेड़ा निवासी नारू कुरैशी समेत एक किशोर को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान सरगना महिपाल गायरी ने खुलासा किया कि वे अपने गिरोह के साथ मिलकर नयागांव टोल प्लाजा और आक्या टोल प्लाजा के मध्य सुनसान स्थानों पर राहगीरों को रोककर लूटपाट की योजना बनाते थे।

आरोपियों ने कल्याणपुरा ब्रिज, जलिया चेक पोस्ट, वंडर पुलिया, मंडफिया और नयागांव के समीप लूट की कई घटनाओं को अंजाम देना स्वीकार किया है। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि लूटी गई मोटरसाइकिलों को खरीदने का काम भदेसर निवासी गोविन्द और निकुम्भ निवासी शंकर लाल करते थे। पुलिस ने गोविन्द और शंकर लाल को भी गिरफ्तार कर लिया है और उनके कब्जे से लूटी गई एक स्ट्रीम मोटरसाइकिल बरामद की है। फिलहाल, पुलिस सभी आरोपियों से लूटे गए अन्य सामानों की बरामदगी और मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है। इस गिरोह के पकड़े जाने से हाईवे पर सफर करने वाले वाहन चालकों ने राहत की सांस ली है।

Next Story