निम्बाहेडा: नियमितीकरण की मांग को लेकर एनएचएम संविदाकर्मियों का हल्लाबोल, सामूहिक अवकाश पर रहकर सरकार को दी चेतावनी
निम्बाहेडा में एनएचएम संविदाकर्मियों ने नियमितीकरण की मांग को लेकर सामूहिक अवकाश और विरोध प्रदर्शन किया। राजस्थान कांट्रेक्चुअल हायरिंग टू सिविल पोस्ट रूल्स 2022 के बावजूद लाभ न मिलने से कर्मचारियों में भारी रोष है। मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर 5 दिन में समाधान न होने पर राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी गई है। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

निम्बाहेडा। राजस्थान के चिकित्सा विभाग की रीढ़ कहे जाने वाले राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मचारी अब आर-पार की लड़ाई के मूड में नजर आ रहे हैं। वर्षों से नियमितीकरण की बाट जोह रहे इन कर्मचारियों ने सोमवार को सामूहिक अवकाश पर रहकर अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया, जिससे विभाग के तमाम महत्वपूर्ण कार्यक्रम ठप हो गए। अपनी मांगों को लेकर मुखर हुए इन कार्मिकों ने मुख्यमंत्री के नाम उपखंड अधिकारी और अतिरिक्त जिला कलेक्टर (प्रशासन) को ज्ञापन सौंपकर व्यवस्था के प्रति गहरा रोष व्यक्त किया है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मैनेजमेंट संवर्ग के अध्यक्ष राहुल जैन ने मामले की गंभीरता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि विभाग के अंतर्गत 4518 पदों पर कार्यरत कार्मिकों के लिए 'राजस्थान कांट्रेक्चुअल हायरिंग टू सिविल पोस्ट रूल्स 2022' के तहत नियमितीकरण की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। चिकित्सा विभाग द्वारा तमाम औपचारिकताओं को संपन्न करने के बावजूद, पात्र कार्मिकों को आज तक नियमितीकरण का वास्तविक लाभ नहीं मिल सका है। यह विडंबना ही है कि सीएसआर रूल्स लागू होने के बाद कई साथी कर्मचारियों की असामयिक मृत्यु हो गई, लेकिन उनके परिवारों को कोई आर्थिक संबल या परिलाभ प्राप्त नहीं हुआ।
संविदाकर्मियों का दर्द केवल नियमितीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि वे सामाजिक असुरक्षा के साये में जीने को मजबूर हैं। नियमों के दायरे में आए तीन वर्ष से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी एक भी प्रबंधकीय संविदा कर्मचारी को नियमित नहीं किया गया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि चिकित्सा विभाग का अभिन्न अंग होने के बावजूद ये कर्मचारी आरजीएचएस (RGHS) जैसी बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं के लाभ से भी वंचित हैं।
सोमवार को खंड और जिला मुख्यालयों पर एकजुट हुए इन कार्मिकों ने सरकार को स्पष्ट अल्टीमेटम दिया है कि यदि अगले पांच दिनों के भीतर उनकी जायज मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे मजबूरन राज्यव्यापी उग्र आंदोलन का मार्ग प्रशस्त करेंगे। ज्ञापन सौंपने के दौरान राजाराम जाट, खुशवंत कुमार हिण्डोनिया, नारायण बुनकर, राजेश अजमेरा, शंकर वैष्णव, राकेश शर्मा और अनिल सैनी सहित बड़ी संख्या में कार्मिक उपस्थित रहे, जिन्होंने एक स्वर में अपने हक की आवाज बुलंद की।

Pratahkal Bureau
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