मावरा गांव की कृषि भूमि हड़पने के लिए फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने के मामले में भादसोड़ा पुलिस ने दो लोगों को पकड़ा।

निम्बाहेड़ा में कृषि भूमि की फर्जी रजिस्ट्री करवाकर धोखाधड़ी से नामांतरण कराने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। भादसोड़ा थाना पुलिस ने इस गंभीर आपराधिक षड्यंत्र का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर कूटरचित दस्तावेज तैयार किए और असली कब्जाधारियों को बेदखल करने के उद्देश्य से भूमि रिकॉर्ड में हेरफेर किया।

जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने घटना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि प्रार्थी बालमुकुन्द राव निवासी मावरा ने 10 जून 2024 को पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। प्रार्थी के अनुसार, ग्राम मावरा के पटवार हल्का आक्या स्थित नवीन खाता संख्या 36 पर 1.5100 हैक्टर कृषि भूमि है, जिसे उनके पिता ने 6 जून 1992 को देवा पिता हेमा बंजारा निवासी मावरा से खरीदा था। प्रार्थी का परिवार तब से इस भूमि पर काबिज होकर काश्त कर रहा है। आरोप है कि हजारी पिता भावसिंह बंजारा निवासी शंभूपुरा, कैलाशचंद्र पिता कालूलाल बंजारा निवासी मौखमपुरा, भागीरथ पिता रामलाल रेगर निवासी मण्डफिया, राजू पिता नंदलाल नायक निवासी कुरेठा, दस्तावेज लेखक जगदीश चंद्र पिता पन्नालाल तेली निवासी भादसोड़ा, स्टाम्प वेंडर हीरा लाल पिता गोकुल आचार्य निवासी भादसोड़ा, तथा नानूराम पिता मांगू बंजारा और रमेश पिता हजारी बंजारा निवासी दौलतपुरा ने एक सोची-समझी साजिश रची।

इन अभियुक्तों ने 22 मई 2024 को उप तहसील कार्यालय भादसोड़ा में उक्त भूमि की रजिस्ट्री और नामांतरण करवा लिया। षड्यंत्र के तहत हजारी पिता भावसिंह बंजारा को देवा पिता हेमा बंजारा बताकर कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर रजिस्ट्री निष्पादित कराई गई। इसके अतिरिक्त, नानूराम और रमेश बंजारा ने अपने दादा का नाम देवा होने का लाभ उठाते हुए एक फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कराया, जिसमें देवा के पिता का नाम लक्ष्मण की जगह हेमा बंजारा अंकित करवाया, जबकि देवा पिता लक्ष्मण का निधन 8 जून 1978 से पूर्व ही हो चुका था। पुलिस ने रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया। गहन जांच के दौरान भागीरथ रेगर और राजू नायक के खिलाफ अपराध प्रमाणित पाए जाने पर उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। मामले में अन्य नामजद आरोपियों की संलिप्तता की जांच जारी है और पुलिस इस संगठित धोखाधड़ी के हर पहलू को उजागर करने में जुटी है।

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