निंबाहेड़ा के मेवाड़ के प्रसिद्ध श्री शेषावतार कल्लाजी वेदपीठ की ओर से विक्रम संवत 2083 के प्रथम दिवस गुरूवार नववर्ष के उपलक्ष्य में वेदपीठ से जुड़े वीर-वीरांगनाओं द्वारा नगर के प्रमुख मार्गों एवं चौराहों पर आगंतुकों का मंगल तिलक लगाकर काली मिर्च, नीम कोपल व मिश्री का प्रसाद वितरित करते हुए नववर्ष की बधाईयां दी गई। वेदपीठ के प्रवक्ता ने बताया कि नवरात्रि के प्रथम दिवस वीर वाहिनीं द्वारा हनुमान चालीसा के 51 पाठ एवं श्री कल्याण चालीसा के 51 पाठ कर सर्वत्र खुशहाली की कामना की गई।

एकविंशतिः कल्याण महाकुंभ के अनुष्ठानों का श्रीगणेश

आगामी आषाढ़ कृष्णा प्रतिपदा से अष्टमी तक आयोजित होने वाले एकविंशतिः 21 वें कल्याण महाकुंभ के अनुष्ठान चैत्र शुक्ला प्रतिपदा नववर्ष से प्रारंभ कर दिये गए है। जिसके तहत लघु रुद्र परायण अनुष्ठानों का वैदिक विधान अनुसार स्थापना कर शुभारंभ किया गया। इस पावन अवसर पर इस वर्ष प्रदेश में प्रथम बार भगवान शिव को समर्पित श्री लिंग महापुराण के कथा वाचन के अनुरूप ग्यारह हजार श्लोकों के महापुराण का पारायण प्रारम्भ कर दिया गया। जिसमें वेदपीठ के आचार्य एवं बटुक पूरी श्रद्धा के साथ भाग ले रहे है।

51 यजमानों का पंजीयन और आगामी कार्यक्रम

वेदपीठ के प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि "अब तक श्री लिंग महापुराण पारायण के लिए 51 यजमानो का पंजीयन किया जा चुका है और यह अनुष्ठान आगामी 30 जून तक जारी रहेंगे।" नववर्ष के प्रथम दिवस अभिजीत मुहूर्त में वेदपीठ परिसर में घट स्थापना कर कल्याण महाकुंभ संबंधी समस्त अनुष्ठान सामूहिक रूप से प्रारंभ किये गए।

Next Story