निम्बाहेड़ा: जावदा गांव में दो नोहरों में आग से लाखों का नुकसान, 6 मवेशी बचाए
चित्तौड़गढ़ के जावदा में सुरेश व मुकेश धाकड़ के नोहरों में भीषण आग लगी, दमकलकर्मियों और ग्रामीणों ने 2 घंटे की मशक्कत के बाद पाया काबू।

चित्तौड़गढ़ जिले की निम्बाहेड़ा पंचायत समिति के जावदा गांव में सुरेश धाकड़ और मुकेश धाकड़ के नोहरों में लगी आग को बुझाते नगर परिषद व जेके सीमेंट के दमकलकर्मी और स्थानीय ग्रामीण।
निम्बाहेड़ा। पंचायत समिति क्षेत्र के निकटवर्ती ग्राम जावदा में दोपहर को उस समय हड़कंप मच गया, जब अज्ञात कारणों के चलते आसपास स्थित दो नोहरों में अचानक भीषण आग लग गई। आसमान में उठती आग की लपटों और धुएं के गुबार को देखकर मौके पर मौजूद ग्रामीणों के होश उड़ गए। ग्रामीणों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए तत्काल नोहरों में बंधे पशुओं को बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और अपने स्तर पर आग बुझाने के प्रयास शुरू किए। सूचना मिलते ही नगर परिषद निम्बाहेड़ा एवं जेके सीमेंट की दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और दमकलकर्मियों ने पानी की बौछार कर करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जावदा निवासी सुरेश पुत्र कन्हैयाराम धाकड़ एवं मुकेश पुत्र उदयराम धाकड़ के नोहरों में यह आगजनी हुई। घटना की भनक लगते ही नगर परिषद के फायरमैन सोमकरण, विनोद वैष्णव, कादिर गौरी तथा जेके सीमेंट के देवकरण जायसवाल व राजमल तेली दमकल वाहनों के साथ तुरंत घटना स्थल पर पहुंचे। इस दौरान स्थानीय ग्रामीणजन भी राहत कार्य में जुट गए। आग की विभीषिका का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दो घंटे तक चले इस रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान दमकलों को दो बार पानी भरकर लाना पड़ा, साथ ही पानी के अन्य टैंकरों की मदद लेकर आग को शांत किया गया।
इस भीषण अग्निकांड में पीड़ितों को भारी आर्थिक क्षति पहुंची है। आग की चपेट में आने से सुरेश धाकड़ के नोहरे में रखी पांच ट्रॉली लकड़ी, तीन ट्रॉली मक्का कुट्टी, एक ट्रॉली हरा चारा, फव्वारा सेट पाइप सहित करीब 50 पाइप जलकर खाक हो गए। इसके अलावा आग के ताप से नोहरे की पत्थर की दीवार ढह गई और लोहे की चद्दर से बना छप्पर भी नीचे गिर गया। वहीं, मुकेश धाकड़ के दूसरे नोहरे में रखी तीन ट्रॉली लकड़ी और एक ट्रॉली गेहूं का सूखा चारा जलकर पूरी तरह राख के ढेर में तब्दील हो गया।
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे राहत की बात यह रही कि समय रहते ग्रामीणों ने मुस्तैदी दिखाते हुए नोहरे में बंधी तीन गायों और तीन भैंसों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे एक बड़ा और दर्दनाक हादसा होने से टल गया। नगर परिषद और जेके सीमेंट के दमकलकर्मियों की त्वरित कार्यप्रणाली और समय पर पहुंचे दमकल वाहनों के कारण आग को आगे बढ़ने से रोक दिया गया, अन्यथा रिहायशी और आसपास के क्षेत्र में लपटें फैलने से भारी तबाही और बड़ा नुकसान हो सकता था। इस घटना के बाद से गांव में सुरक्षा को लेकर चिंता व्याप्त है।

