निंबाहेड़ा। पावन वैशाख शुक्ला एकादशी के मांगलिक अवसर पर सोमवार को निंबाहेड़ा का संपूर्ण जैन समाज भक्ति और उत्साह के रंग में सराबोर नजर आया, जहां जैन शासन स्थापना दिवस का भव्य आयोजन श्रद्धापूर्वक संपन्न हुआ। नगर सहित समीपवर्ती क्षेत्रों में आयोजित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों ने समूचे वातावरण को धर्ममय कर दिया।

आयोजन की मुख्य कड़ी के रूप में प्रातः 8:01 बजे श्री राजेन्द्र सूरिश्वर ज्ञान मंदिर में विहार सेवा ग्रुप निंबाहेड़ा के तत्वावधान में गरिमामय कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई। इस विशेष प्रसंग पर विधि-विधान के साथ शासन ध्वजारोहण किया गया, जिसके पश्चात उपस्थित जनसमूह ने सामूहिक रूप से शासन वंदना एवं प्रार्थना में भाग लिया। विहार सेवकों और समाजजनों की सक्रिय सहभागिता ने इस आयोजन को भव्यता प्रदान की।

धार्मिक एवं ऐतिहासिक मान्यताओं के अनुसार, आज से लगभग 2577 वर्ष पूर्व भगवान महावीर स्वामी ने पावापुरी की पावन धरा पर वैशाख शुक्ला एकादशी के दिन ही गौतम स्वामी सहित 11 गणधरों को दीक्षित किया था। इसी दिन प्रभु ने साधु, साध्वी, श्रावक एवं श्राविका रूपी चतुर्विध संघ की स्थापना कर जैन शासन की नींव रखी थी। भगवान महावीर के केवलज्ञान प्राप्ति के अगले दिन मनाया जाने वाला यह दिवस जैन धर्म में एकता, अनुशासन और संघ प्रभावना के अद्वितीय प्रतीक के रूप में प्रतिष्ठित है।

विहार सेवक अतुल बोडाना ने कार्यक्रम की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि विहार सेवा ग्रुप द्वारा प्रतिवर्ष इस पर्व को पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया जाता है, जो समाज को धर्म, संस्कार, अटूट एकता और निस्वार्थ सेवा की निरंतर प्रेरणा देता है। इस गौरवमयी अवसर पर तख़तसिंह सिंघवी, कैलाश बाफना, सागरमल विरानी, अशोक तेजीवत, दिलीप पारख, राजेश पारख, राकेश बोडाना, कांतिलाल नायक, मनोज चपलोत, राजेश मेहता, महेश गोयल, मुकेश बंब, रत्नेश छाजेड़, गोतम चपलोत, विशाल गोखरू, संजय संघवी एवं प्रदीप नागोरी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक और धर्मावलंबी उपस्थित रहे, जिन्होंने शासन स्थापना के इस ऐतिहासिक पर्व को अपनी उपस्थिति से गरिमा प्रदान की।

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