निंबाहेड़ा जिला अस्पताल में 151 निःशुल्क जांचों हेतु कृष्णा लैब का शुभारंभ
विधायक श्रीचंद कृपलानी ने पीपीपी मॉडल पर आधारित अत्याधुनिक लैब का उद्घाटन किया, जिससे चित्तौड़गढ़ जिले के मरीजों को अब बड़े शहरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

निंबाहेड़ा। राजस्थान सरकार द्वारा प्रदेशवासियों को उच्च स्तरीय एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के संकल्प को दोहराते हुए मुख्यमंत्री निःशुल्क जांच योजना (एमएनजेवाई) के अंतर्गत निंबाहेड़ा जिला अस्पताल में एक नवीन अध्याय जोड़ा गया है। पूर्व स्वायत्त शासन मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक श्रीचंद कृपलानी ने चिकित्सालय की दूसरी मंजिल पर पीपीपी मॉडल के तहत स्थापित अत्याधुनिक 'कृष्णा लैब' का फीता काटकर विधिवत शुभारंभ किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में जिला चिकित्सालय के पीएमओ डॉ. राघव सिंह, डॉ. के. आसिफ, नर्सिंग अधीक्षक जितेंद्र सिंघवी एवं कृष्णा डायग्नोस्टिक के जितेंद्र सिंह ने अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। इसके पश्चात विधायक कृपलानी ने मर्यादा के अनुरूप भगवान श्री गणेश के समक्ष दीप प्रज्वलित किया और लैब की अत्याधुनिक टेस्टिंग मशीनों की पूजा-अर्चना कर इस जनोपयोगी सेवा को जनता को समर्पित किया।
अस्पताल की दूसरी मंजिल पर स्थित इस सुसज्जित प्रयोगशाला में अब एक ही छत के नीचे 151 प्रकार की जटिल एवं सामान्य जांचें पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध होंगी। इस महत्वपूर्ण अवसर पर पूर्व विधायक अशोक नवलखा, निवर्तमान जिला प्रमुख गब्बर सिंह अहीर, भाजपा नगर अध्यक्ष कपिल चौधरी, वरिष्ठ भाजपा नेता चांदमल सोनी, डॉ. जे. एम. जैन, नानालाल भूतड़ा, चंद्रमोहन गुप्ता, वीरेश चपलोत, नगर महामंत्री देवकरण समदानी, भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ जिला सह संयोजक गजेन्द्र नवलखा, भाजपा नगर उपाध्यक्ष नरेश आमेटा, पुष्कर सोनी, नगर प्रवक्ता सुनील चाष्टा, नगर मंत्री रतन वैष्णव, कैलाश सेन, ओमप्रकाश नाथ, महावीर पामेचा, सोनू आकाश पारख, हरिसिंह बोड़ाना, पूरण पुरबिया, भानु झंवर, प्रमोद वैष्णव, रामनिवास जाट, राहुल वसीटा तथा संजय सुराणा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और प्रबुद्ध नागरिक साक्षी बने।
विस्तृत और उन्नत जांचों का सुलभ तंत्र
नवनिर्मित कृष्णा डायग्नोस्टिक लैब के मैनेजर जितेंद्र नागर ने उपलब्ध सुविधाओं की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि लैब में पूर्ण रक्त गणना (सीबीसी), परिधीय रक्त फिल्म (पीबीएफ), एरिथ्रोसाइट सेडीमेंटेशन रेट (ईएसआर), हीमोग्लोबिन (एचबी), कुल ल्यूकोसाइट काउंट (टीएलसी), डिफरेंशियल ल्यूकोसाइट काउंट (डीएलसी), प्लेटलेट गणना, एब्सोल्यूट ईओसिनोफिल काउंट, रेटिकुलोसाइट काउंट, मलेरिया जांच, एमपी स्लाइड, हीमोग्लोबिन इलेक्ट्रोफोरेसिस, सिकल सेल टेस्ट, नेस्ट्रॉफ्ट टेस्ट, रक्त समूह (एबीओ/आरएच), क्रॉस मैच, कूम्ब्स टेस्ट, प्रोथ्रोम्बिन टाइम (पीटी), एक्टिवेटेड पार्टियल थ्रोम्बोप्लास्टिन टाइम (एपीटीटी), ब्लीडिंग टाइम/क्लॉटिंग टाइम (बीटी/सीटी), डी-डाइमर, फाइब्रिन डिग्रेडेशन प्रोडक्ट (एफडीपी), और फैक्टर-8 जैसी रक्त संबंधी जांचें उपलब्ध रहेंगी। मूत्र विज्ञान के अंतर्गत सामान्य जांच, माइक्रोएल्ब्यूमिन, एल्ब्यूमिन-क्रिएटिनिन अनुपात (एसीआर) एवं 24 घंटे का मूत्र प्रोटीन परीक्षण किया जाएगा। संक्रामक रोगों एवं ज्वर संबंधी जांचों में डेंगू एनएस1, आईजीएम, चिकनगुनिया, लेप्टोस्पाइरा, स्क्रब टाइफस, टाइफाइड (विडाल टेस्ट), एचआईवी, हेपेटाइटिस-बी सतही एंटीजन (एचबीएसएजी), हेपेटाइटिस-सी (एचसीवी), हेपेटाइटिस ए व बी और मेनिन्जोकोकल संक्रमण की सटीक जांच होगी।
मधुमेह प्रबंधन हेतु रक्त शर्करा (खाली पेट/भोजन के बाद/रैंडम), एचबीए1सी, और ग्लूकोज टॉलरेंस टेस्ट (जीटीटी) की सुविधा दी गई है। इसके अतिरिक्त, लिवर फंक्शन टेस्ट में बिलिरुबिन (कुल/प्रत्यक्ष), एसजीपीटी, एसजीओटी, एएलपी, कुल प्रोटीन, एल्ब्यूमिन, ए/जी अनुपात, और जीजीटी शामिल हैं। किडनी फंक्शन टेस्ट में यूरिया, क्रिएटिनिन, यूरिक एसिड, सोडियम, पोटेशियम, क्लोराइड, कैल्शियम, मैग्नीशियम और फॉस्फोरस की जांच होगी, जबकि लिपिड प्रोफाइल में कुल कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड, एचडीएल, एलडीएल एवं वीएलडीएल का परीक्षण किया जाएगा। लैब में पैप स्मीयर, द्रव विश्लेषण, साइटोलॉजी, ऊतक परीक्षण (हिस्टोपैथोलॉजी), अस्थि मज्जा जांच, सीडी4 काउंट, प्रोटीन इलेक्ट्रोफोरेसिस और थूक में एएफबी जांच जैसी गंभीर जांचें भी संभव होंगी। हार्मोन व थायरॉइड अनुभाग में टी3, टी4, टीएसएच, बीएचसीजी, एफएसएच, एलएच, प्रोलैक्टिन, एएमएच और इंसुलिन की जांच होगी। विटामिन की कमी का पता लगाने हेतु विटामिन बी12, विटामिन डी, फोलिक एसिड और फेरितिन के परीक्षण होंगे। कैंसर मार्कर श्रेणी में पीएसए, एएफपी, सीए-125 और सीईए की सुविधा मिलेगी। साथ ही, इन्फेक्शन एवं इम्यूनोलॉजी हेतु प्रोकैल्सीटोनिन, एएनए, रूबेला आईजीजी, आईएल-6, एंटी-सीसीपी, आईजीएम एंटी-एचबीसी और माइक्रोबायोलॉजी में मूत्र, रक्त व फंगल कल्चर, ग्राम स्टेनिंग और टीबी मैन्टू टेस्ट उपलब्ध रहेंगे। बायोकेमिस्ट्री के तहत एमाइलेज, आयरन, टीआईबीसी, एलडीएच, सीआरपी, एएसएलओ, आरए फैक्टर तथा एडवांस पीसीआर जांचों में वायरल लोड (एचसीवी, एचबीवी), एचआईवी गुणात्मक/मात्रात्मक और टीबी-पीसीआर (न्यूक्लिक एसिड एम्प्लीफिकेशन टेस्ट) की आधुनिक सुविधाएं आमजन को मिलेंगी।
क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण
इस लैब की स्थापना चित्तौड़गढ़ जिले के स्वास्थ्य ढांचे के लिए मील का पत्थर सिद्ध होगी। जिले के समस्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) से सैंपल एकत्रित कर इस अत्याधुनिक लैब में भेजे जाएंगे और उनकी डिजिटल रिपोर्ट पुनः संबंधित केंद्रों को प्रेषित की जाएगी। इस क्रांतिकारी कदम से अब स्थानीय मरीजों को उदयपुर, अहमदाबाद या अन्य महानगरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, जिससे न केवल उनके समय की बचत होगी बल्कि आर्थिक भार भी कम होगा। निंबाहेड़ा में ही महानगरों जैसी विश्वस्तरीय जांच सुविधा उपलब्ध होना क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक निर्णायक उपलब्धि है।

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