उप स्वास्थ्य केन्द्रों के क्रमोन्नयन की मांग

विधायक कृपलानी ने निम्बाहेड़ा एवं छोटीसादड़ी ब्लॉक के विभिन्न केंद्रों को क्रमोन्नत करने की आवश्यकता बताई:

  • प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र (PHC) में क्रमोन्नयन: निम्बाहेड़ा ब्लॉक के मांगरोल, मरजीवी, निम्बोदा, अरनिया जोशी तथा छोटीसादड़ी ब्लॉक के साटोला, रफूपंजा एवं बसेड़ा।
  • सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (CHC) में क्रमोन्नयन: निम्बाहेड़ा ब्लॉक के बाड़ी, मंडला चारण तथा छोटीसादड़ी के बम्बोरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र।

उन्होंने कहा कि निम्बाहेड़ा क्षेत्र खनन एवं सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण यहां स्वास्थ्य सुविधाओं का सुदृढ़ होना और भी आवश्यक है। उन्होंने कनेरा क्षेत्र में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के जर्जर भवन को डिस्मेंटल कर पुन: नवीन भवन निर्माण की स्वीकृति देने के साथ ही कनेरा चिकित्सालय को उप जिला चिकित्सालय में क्रमोन्नत करने की भी मांग रखी।

जिला चिकित्सालय निम्बाहेड़ा में संसाधनों की आपूर्ति

विधायक कृपलानी ने बताया कि जिला चिकित्सालय, निम्बाहेड़ा में 200 बेड स्वीकृत होने के बावजूद आवश्यक चिकित्सक एवं नर्सिंग अधिकारियों के पदों का सृजन एवं भर्ती नहीं हुई है। उन्होंने निम्नलिखित मांगें सदन में रखीं:

  • रिक्त पदों को शीघ्र भरने एवं महिला एवं बाल चिकित्सालय (एमसीएच विंग) की स्थापना।
  • लेप्रोस्कोपी मशीन, मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर, अतिरिक्त डायलिसिस मशीनें तथा 10 आईसीयू बेड की उपलब्धता।
  • वर्तमान में 10 बेड के तैयार डायलिसिस कक्ष में केवल 2 मशीनें लगी है, जिसके लिए 8 मशीनें उपलब्ध करवाना।

इसके साथ ही विधायक कृपलानी ने सदन को अवगत कराते हुए बताया कि जिला चिकित्सालय निम्बाहेड़ा के नवीन भवन का निर्माण कार्य पिछले दो वर्षों से बंद पड़ा है तथा चौथी मंजिल के निर्माण के लिए करीब 20 करोड़ रूपये की आवश्यकता है जिसकी भी सरकार द्वारा घोषणा करने से क्षेत्रवासियों को अच्छी सौगात मिल सकेगी।

क्षेत्र में ट्रॉमा सेंटर एवं नवीन केंद्रों की आवश्यकता

सीमेंट व माइनिंग उद्योगों की बहुलता और भारी वाहनों की आवाजाही के कारण सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि का उल्लेख करते हुए कृपलानी ने निम्बाहेड़ा एवं छोटीसादड़ी उपखण्ड मुख्यालय पर ट्रॉमा सेंटर की स्वीकृति की मांग की, ताकि दुर्घटनाग्रस्त लोगों को समय पर उपचार मिल सके।

नई ग्राम पंचायतों में उप स्वास्थ्य केन्द्र: पंचायती राज परीसीमन के बाद बनी 16 नई ग्राम पंचायतों में नवीन उप स्वास्थ्य केन्द्र स्वीकृत करने की मांग की गई:

भूज्याखेड़ी, मण्डालवी, लूणखंदा, धीनवा, बांसा, कदमाली, चरलिया, नावनखेड़ी, हडमतिया कुण्डाल, प्रतापपुरा, दुधीतलाई उर्फ हमेरपुर चौकी, महुडिया, जमलावदा, चरलिया, छाणकला एवं सांकरिया।

इसके साथ ही उन्होंने स्मरण कराया कि पूर्व बजट में छोटीसादड़ी में उप जिला चिकित्सालय क्रमोन्नत किया गया था, किंतु अब तक भूमि आवंटन नहीं हो पाया है। उन्होंने भूमि आवंटन प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कर भवन निर्माण कार्य प्रारंभ करने की मांग की।

रोकथाम आधारित स्वास्थ्य मॉडल पर जोर

विधायक कृपलानी ने कहा कि "विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार लगभग 60 प्रतिशत बीमारियों की रोकथाम प्राथमिक स्वास्थ्य व्यवस्था से संभव है। इसलिए इलाज के साथ-साथ रोकथाम (Prevention), टीकाकरण, पोषण, स्वच्छता और मानसिक स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।" उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में संसाधनों के अभाव, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर, कुपोषण और बढ़ती जीवनशैली जनित बीमारियों पर चिंता व्यक्त की।

अंत में कृपलानी ने कहा कि राज्य सरकार ने बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया है, किंतु निंबाहेड़ा-छोटीसादड़ी क्षेत्र की विशिष्ट परिस्थितियों को देखते हुए उपरोक्त मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाना आवश्यक है, ताकि क्षेत्रवासियों को बेहतर एवं सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।

Pratahkal Bureau

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