निम्बाहेड़ा। स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा के कद्दावर नेता पारस मल पारख ने लगातार सातवीं बार पार्षद का चुनाव जीतकर नया रिकॉर्ड कायम किया है। वर्ष 1994 से शुरू हुआ उनकी चुनावी जीत का सिलसिला वर्ष 2026 के नगर परिषद चुनाव तक लगातार जारी रहा। इस दौरान निम्बाहेड़ा की स्थानीय निकाय व्यवस्था में कई बदलाव हुए और नगर पालिका से नगर परिषद का स्वरूप सामने आया, लेकिन पारख की चुनावी जीत का क्रम नहीं टूटा।

पारस मल पारख ने पहली बार वर्ष 1994 में पार्षद पद का चुनाव जीता था। इसके बाद उन्होंने वर्ष 1999, 2004, 2009, 2014, 2019 और 2026 के स्थानीय निकाय चुनावों में भी लगातार जीत दर्ज की। इस तरह करीब 32 वर्षों के राजनीतिक सफर में उन्होंने लगातार सात बार पार्षद का चुनाव जीतने का रिकॉर्ड बनाया है।


पारख लंबे समय से स्थानीय निकाय की राजनीति में सक्रिय रहे हैं। आमजन के बीच लगातार संपर्क में रहने और कार्यकर्ता के रूप में संगठन के लिए सक्रिय भूमिका निभाने के कारण क्षेत्र की राजनीति में उनकी अलग पहचान बनी। लगातार चुनाव जीतने के साथ उन्होंने मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ और जनाधार को भी बरकरार रखा।

पारस मल पारख की राजनीतिक सक्रियता केवल पार्षद चुनाव जीतने तक सीमित नहीं रही। उन्होंने निम्बाहेड़ा नगर पालिका के 1994 और 2014 के बोर्ड में उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाली। स्थानीय निकाय के कामकाज और क्षेत्रीय राजनीति में लंबे अनुभव के चलते उन्हें क्षेत्र की भाजपा राजनीति में अनुभवी और प्रभावशाली नेता के रूप में देखा जाता है।

वर्ष 1994 में जब निम्बाहेड़ा नगर पालिका के रूप में स्थानीय निकाय की राजनीति कर रहा था, तब से लेकर वर्ष 2026 में नगर परिषद के रूप में हुए चुनाव तक राजनीतिक परिस्थितियों में कई बदलाव आए। चुनावी समीकरण बदले, स्थानीय मुद्दे बदले और राजनीतिक परिस्थितियां भी बदलती रहीं, लेकिन पारस मल पारख की जीत का सिलसिला लगातार कायम रहा।

वर्ष 2026 का चुनाव उनके लिए इसलिए भी खास माना जा रहा है कि निम्बाहेड़ा की स्थानीय निकाय व्यवस्था नगर पालिका से आगे बढ़कर नगर परिषद के रूप में सामने आई, लेकिन बदले हुए राजनीतिक स्वरूप में भी पारख ने अपनी जीत बरकरार रखी।

लगातार सात चुनाव जीतना पारस मल पारख की स्थानीय निकाय राजनीति में मजबूत पकड़ को दर्शाता है। करीब तीन दशक से अधिक समय से वे मतदाताओं के बीच निरंतर सक्रिय बने हुए हैं। वर्ष 1994 में शुरू हुआ उनका चुनावी सफर वर्ष 2026 में सातवीं जीत के साथ भी जारी है।

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