निम्बाहेडा: चलती ट्रेनों में आतंक मचाने वाले शातिर गिरोह का भंडाफोड़, दो गिरफ्तार, लाखों का माल बरामद
जीआरपी नीमच ने निम्बाहेडा और रतलाम के बीच चलती ट्रेनों में मोबाइल और गहने चोरी करने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने आरोपी राहुल देवड़ा और दशरथ वर्मा को गिरफ्तार कर उनके पास से करीब 3 लाख रुपये का चोरी का माल बरामद किया। यह गिरोह यात्रियों की नींद और भीड़ का फायदा उठाकर वारदातों को अंजाम देता था।

निम्बाहेडा। भारतीय रेलवे में सफर करने वाले यात्रियों, विशेषकर महिला यात्रियों की नींद और सुरक्षा में सेंध लगाने वाले एक शातिर गिरोह की सक्रियता पर आखिरकार जीआरपी नीमच ने विराम लगा दिया है। रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दे रहे इस गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है। नीमच से रतलाम के बीच सक्रिय यह गिरोह भीड़भाड़ और यात्रियों की बेफिक्री का फायदा उठाकर पलक झपकते ही लेडीज पर्स, मोबाइल और कीमती आभूषण पार करने में माहिर था। पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई से रेल यात्रियों ने राहत की सांस ली है।
घटनाक्रम की जानकारी देते हुए नीमच थाना प्रभारी सउनि कन्हैयालाल भाटी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान राहुल देवड़ा (26) निवासी खड़पालिया और दशरथ वर्मा (19) निवासी नापाखेड़ा, जिला मंदसौर के रूप में हुई है। ये दोनों आरोपी बेहद योजनाबद्ध तरीके से वारदातों को अंजाम देते थे। इनका कार्यक्षेत्र मुख्य रूप से नीमच, मंदसौर, मल्हारगढ़, पिपलिया मंडी, चित्तौड़गढ़ और रतलाम रेलवे स्टेशनों के मध्य चलने वाली ट्रेनें थीं। गिरोह की कार्यप्रणाली इतनी सटीक थी कि वे यात्रियों के गहरी नींद में होने या कोच में भारी भीड़ होने का इंतजार करते थे और मौका मिलते ही कीमती सामान लेकर चंपत हो जाते थे। चोरी की इन वारदातों का पता पीड़ितों को काफी देर बाद चलता था, जिससे आरोपियों को भागने का पर्याप्त समय मिल जाता था।
पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक पूछताछ और जांच में यह तथ्य सामने आया है कि ये आरोपी तीन गंभीर अपराधों और एक इस्तगासा के मामलों में सीधे तौर पर संलिप्त थे। जीआरपी ने आरोपियों के कब्जे से चोरी किया गया भारी मात्रा में माल बरामद किया है, जिसकी कुल अनुमानित कीमत 2 लाख 93 हजार 145 रुपए आंकी गई है। बरामद किए गए सामान में 10 हाई-एंड मोबाइल फोन, सोने जैसी धातु के इयररिंग्स, चांदी के छल्ले, कान के टॉप्स, लेडीज घड़ी और बड़ी मात्रा में आर्टिफिशियल ज्वैलरी शामिल है।
रेलवे पुलिस की इस सफलता ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अपराधियों के मंसूबे चाहे जितने भी शातिर क्यों न हों, वे कानून के लंबे हाथों से बच नहीं सकते। इस गिरोह की गिरफ्तारी न केवल चोरी की पुरानी गुत्थियों को सुलझाने में मददगार साबित हुई है, बल्कि भविष्य में होने वाली संभावित वारदातों पर भी अंकुश लगाया है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से कड़ी पूछताछ कर रही है ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित चेहरों और पूर्व में की गई अन्य चोरी की घटनाओं का विस्तृत विवरण सामने आ सके।

Pratahkal Bureau
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