निम्बाहेड़ा में 1 से 8 जुलाई तक '21वें कल्याण महाकुंभ' का भव्य आयोजन, अध्यात्म की लहर
चित्तौड़गढ़ की कल्याण नगरी निम्बाहेड़ा में 1 से 8 जुलाई तक आयोजित होने वाले 21वें कल्याण महाकुंभ की भव्य तैयारियां पूर्ण। लिंग महापुराण कथा और 51 कुण्डीय अतिरूद्र महायज्ञ के माध्यम से शिव आराधना का होगा दिव्य संगम, जानिए क्या है कार्यक्रम।

निम्बाहेड़ा में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान श्री कल्लाजी वेदपीठ एवं शोध संस्थान के पदाधिकारी 21वें कल्याण महाकुंभ के पोस्टर का अनावरण करते हुए।
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले की कल्याण नगरी निम्बाहेड़ा में एक बार पुनः भक्ति और अध्यात्म का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। श्री शेषावतार कल्लाजी वेदपीठ एवं शोध संस्थान तथा श्री कल्लाजी मंदिर मण्डल न्यास के संयुक्त तत्वावधान में आगामी 1 से 8 जुलाई तक '21वें कल्याण महाकुंभ' का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस धार्मिक अनुष्ठान की व्यापक तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। महाकुंभ के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से ज्येष्ठ शुक्ला सप्तमी, 21 जून को कमधजनगर स्थित श्री कल्लाजी मंदिर से एक भव्य आध्यात्मिक कल्याण महापदयात्रा निकाली जाएगी, जो दुर्ग मार्ग स्थित ठाकुर जी के स्मारक तक संपन्न होगी।
महाकुंभ के अंतर्गत इस वर्ष का मुख्य आकर्षण भगवान शिव को समर्पित 'श्री लिंग महापुराण' कथा होगी। चैत्र शुक्ला प्रतिपदा से ही मंदिर परिसर में 109 यजमानों की उपस्थिति में आचार्यों और बटुकों द्वारा विधि-विधान से इस पुराण का पारायण किया जा रहा है, जो 30 जून तक अनवरत जारी रहेगा। साथ ही, भगवान आशुतोष के विशेष अभिषेक और करोड़ों पंचाक्षरी मंत्रों के जाप का अनुष्ठान भी निरंतर चल रहा है। महोत्सव का औपचारिक शुभारंभ 1 जुलाई को एक विशाल और भव्य कलशोत्सव एवं शोभायात्रा के साथ होगा। दशहरा मैदान से प्रारंभ होने वाली इस यात्रा में मुंबई के बैंड, मालवीय ढोल, जीवंत झांकियां, 51 अश्व एवं ऊंट के साथ ही हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे। लगभग 5 किलोमीटर लंबी यह शोभायात्रा नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरती हुई मंदिर परिसर में समाप्त होगी।
वेठपीठ परिसर में 1 जुलाई से ही अवन्तर पीठ भानपुरा के शंकराचार्य जगतगुरु स्वामी श्री ज्ञानानंद तीर्थ के मुखारविंद से श्री लिंग महापुराण की अमृतमयी कथा का रसास्वादन कराया जाएगा। यह प्रदेश में संभवतः पहला अवसर होगा जब शिवलिंग महापुराण के माध्यम से शिव के सूक्ष्म निराकार स्वरूप और लिंगोद्धव कथा का विस्तार से वर्णन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, 4 से 8 जुलाई तक 51 कुण्डीय श्री अतिरूद्र महायज्ञ का आयोजन होगा, जिसमें 1500 यजमान गौघृत की आहुतियां देकर विश्व कल्याण की कामना करेंगे। महाकुंभ में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, मेवाड़ महाराणा विश्वराज सिंह एवं महाराणी महिमा कुमारी सहित कई गणमान्य व्यक्तियों और जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है।
महाकुंभ के अंतिम दिन 8 जुलाई को दोपहर 12:32 बजे कल्याणनगरी के राजाधिराज ठाकुर श्री कल्लाजी सहित पंचदेवों के दिव्य दर्शन, ध्वजारोहण एवं महाआरती के साथ यज्ञ की पूर्णाहुति होगी। प्रतिदिन संध्या आरती के पश्चात आयोजित होने वाले भजन संध्या एवं कवि सम्मेलन इस आठ दिवसीय महोत्सव की आभा में चार चांद लगाएंगे। यह महाकुंभ न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बनेगा, बल्कि अपनी भव्यता और दिव्यता से समूचे क्षेत्र में एक नई ऊर्जा का संचार भी करेगा।

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