निम्बाहेडा: साध्वी धैर्य प्रभा जी के 414वें विहार में उमड़ा श्रद्धा और सेवा का संगम
साध्वी धैर्य प्रभा जी के सानिध्य में 414वें विहार के दौरान श्रद्धालुओं ने प्रातःकाल सेवा और आध्यात्मिक साधना के साथ विहार संपन्न किया।

निम्बाहेडा में आयोजित 414वें विहार के दौरान सेवा कार्य करते सेवक विरेन्द्र मारु और हिमांशु मारु। छाया चित्र: मुकेश बंब।
आध्यात्मिक साधना एवं विहार का विवरण
"निंबाहेड़ा विहार सेवा के 414 वें विहार साध्वी धैर्य प्रभा जी मा. सा. आदि ठाना 6 के अवसर पर प्रातःकालीन समय में आध्यात्मिक साधना और सेवा-भाव का अनुपम दृश्य दृष्टिगोचर हुआ।"
उदयमान सूर्य की लालिमा, निर्मल वातावरण और विहार सेवकों के संयमित चरण यह संदेश देते हैं कि जहाँ श्रद्धा से सेवा की जाती है, वहाँ प्रकृति स्वयं साक्षी बन जाती है। यह चित्र तप, त्याग और आत्मशुद्धि की साधना का सजीव प्रतीक है।
विहार सेवा ग्रुप एवं सहभागिता
- चित्र मे निंबाहेड़ा विहार सेवा ग्रुप के सेवक विरेन्द्र मारु, हिमांशु मारु सम्मिलित हैं।
- छाया चित्र मुकेश बंब द्वारा लिया गया।

Pratahkal Bureau
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