निम्बाहेड़ा: दिवंगत चन्द्रप्रकाश जैन की आंखों का हुआ नेत्रदान, दो जीवन रोशन
परिजनों की सहमति से स्वर्गीय चन्द्रप्रकाश की आंखें नीमच के गोमाबाई नेत्रालय भेजी गईं, जहां दो दृष्टिहीन लोगों में प्रत्यारोपण किया जाएगा।

तस्वीर में निम्बाहेड़ा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान लॉयंस क्लब सदस्य और समाजजन खड़े दिखाई दे रहे हैं।
निम्बाहेड़ा में लॉयंस क्लब निम्बाहेड़ा के अन्धत्व निवारण कार्यक्रम के अन्तर्गत बुधवार प्रातः 463वां नेत्रदान हुआ। सविता कॉलोनी निवासी जितेन्द्र जैन ने अपने पिताश्री चन्द्रप्रकाश के देहावसान के बाद उनकी आंखों का नेत्रदान कर दो दृष्टिहीन लोगों के जीवन को रोशन करने का मार्ग प्रशस्त किया।
क्लब सेवा प्रकल्प चेयरपर्सन विजय आगार ने बताया कि क्लब अध्यक्ष अरविन्द मुन्दड़ा एवं समाजसेवी नरेन्द्र गौड़ की प्रेरणा से जितेन्द्र जैन ने अपने पिताश्री के देहावसान के बाद उनकी आंखों को अमरत्व प्रदान कराने तथा किन्हीं दो व्यक्तियों के अन्धकारमय जीवन को प्रकाशित करने की मानवीय भावना से लॉयंस क्लब निम्बाहेड़ा के माध्यम से नेत्रदान की इच्छा व्यक्त की।
क्लब की आई डोनेशन कमेटी चेयरमैन डॉ. जे. एम. जैन ने कम्पाउण्डर आशाराम सेन के सहयोग से नेत्र उत्सारित कर गोमाबाई नेत्रालय एवं शौध संस्थान, नीमच में दो दृष्टिहीन लोगों के प्रत्यारोपण के लिए भिजवाए।
इस अवसर पर क्लब के सेवा सहयोगी मनोहर लाल वासवानी, श्यामलाल भराड़िया, माणकलाल साहु, अरविन्द खण्डेलवाल, कुंज बिहारी अग्रवाल, विनोद कुमार माहेश्वरी, श्यामसुंदर माहेश्वरी, राजकुमार रायपुरिया, अशोक कुमार जैन, जगदीश चन्द्र अग्रवाल, सत्यनारायण चेचानी और मानसिंह देवपुरा सहित समाजसेवी रामगोपाल वैष्णव, राजु बंसल, मोतीलाल पुरूसवानी एवं उपस्थित समाजजनों ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की।
समाजजनों ने नैत्रदानी परिवार द्वारा इस दुखद घड़ी में भी मानव सेवा को सर्वोपरि मानते हुए नेत्रदान कराने के प्रशंसनीय व अनुकरणीय कार्य की सराहना की और परिवार के प्रति साधुवाद व्यक्त किया। इस नेत्रदान के माध्यम से दो दृष्टिहीन लोगों के प्रत्यारोपण का मार्ग प्रशस्त हुआ।

