गांधी जयंती पर ग्राम सभाओं में कुष्ठ रोग उन्मूलन को लेकर चला जागरूकता अभियान
गांधी जयंती पर चित्तौड़गढ़ जिले की ग्राम सभाओं, स्कूलों और चिकित्सा संस्थानों में कुष्ठ रोग उन्मूलन को लेकर जन-जागरूकता अभियान चला। लोगों को लक्षण, बचाव, उपचार और एमडीटी की जानकारी देकर भ्रांतियां दूर करने का संकल्प दिलाया गया।

तस्वीर में निम्बाहेड़ा के एक शिक्षण संस्थान में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम के दौरान चिकित्साकर्मी विद्यार्थियों को कुष्ठ रोग की जानकारी देते हुए नजर आ रहे हैं।
निम्बाहेडा। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती 2 अक्टूबर के अवसर पर जिले को ‘कुष्ठ रोग मुक्त’ बनाने के संकल्प के साथ विशेष जन-जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में हुई ग्राम सभाओं के साथ स्कूलों, प्रशिक्षण केंद्रों और चिकित्सा संस्थानों में आमजन को कुष्ठ रोग के प्रति जागरूक किया गया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी चित्तौड़गढ़ डॉ. तारा चंद गुप्ता ने बताया कि अभियान के दौरान चिकित्साकर्मियों ने उपस्थित नागरिकों को सहज और सरल भाषा में कुष्ठ रोग के कारणों, लक्षणों, बचाव के तरीकों, उपचार और नियंत्रण के उपायों की विस्तृत जानकारी दी। चिकित्सा अधिकारियों ने बताया कि कुष्ठ रोग कोई लाइलाज बीमारी नहीं है। समय पर पहचान और नियमित उपचार (एमडीटी) से इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।
उपमुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (स्वास्थ्य) डॉ. पुनीत कुमार तिवारी ने बताया कि विशेष जागरूकता कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में कुष्ठ रोग से जुड़ी भ्रांतियों और कलंक की भावना को मिटाना है, ताकि राष्ट्रपिता के ‘कुष्ठ रोग मुक्त भारत’ के सपने को धरातल पर साकार किया जा सके।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों, विद्यार्थियों और क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों ने भाग लिया। इस दौरान सभी ने कुष्ठ रोग के उन्मूलन में सहयोग देने का संकल्प लिया। ग्राम सभाओं, शिक्षण संस्थानों और चिकित्सा केंद्रों में आयोजित जागरूकता गतिविधियों के जरिए कुष्ठ रोग की समय पर पहचान, उपचार और सामाजिक भ्रांतियों को दूर करने का संदेश दिया गया।

