सिंचित चिकित्सा की नई पहल: चित्तौड़गढ़ में निःशुल्क आयुर्वेद क्षारसूत्र शल्य चिकित्सा शिविर का शुभारम्भ
चित्तौड़गढ़ में विधायक चन्द्रभान सिंह आक्या की उपस्थिति में निःशुल्क आयुर्वेद क्षारसूत्र शल्य चिकित्सा शिविर का शुभारम्भ। 10 दिवसीय शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम 150 रोगियों का उपचार करेगी, जिससे अर्श-भगन्दर रोगियों को राहत मिलेगी।

चित्तौड़गढ़। आयुर्वेद विभाग एवं राष्ट्रीय आयुष मिशन के संयुक्त प्रयास से अटल सामुदायिक भवन, गांधीनगर में शनिवार को निःशुल्क अर्श-भगन्दर आयुर्वेद शल्य चिकित्सा शिविर का भव्य शुभारम्भ हुआ। इस 10 दिवसीय शिविर में विधायक चन्द्रभान सिंह आक्या मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता सुरेश झंवर ने की।
शिविर में विशिष्ट अतिथियों के रूप में सुशील शर्मा, भरत जागेटिया, शैलेन्द्र झंवर, भोलाराम प्रजापत, अनिल ईनाणी, नवीन पटवारी, राजन माली, गोपाल जाजू और गौरव त्यागी उपस्थित रहे। शिविर प्रभारी डॉ. शैलेन्द्र सिंह मण्डलोई ने बताया कि इस कार्यक्रम की रूपरेखा एवं स्वागत उद्बोधन उपनिदेशक आयुर्वेद विभाग, डॉ. तरुण कुमार प्रमाणिक द्वारा प्रस्तुत किया गया।
विधायक आक्या ने अपने संबोधन में आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति की वैज्ञानिकता एवं क्षारसूत्र शल्य चिकित्सा की प्रभावशीलता पर प्रकाश डालते हुए अर्श-भगन्दर रोगियों को इस निःशुल्क चिकित्सा शिविर का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। डॉ. प्रमाणिक ने बताया कि जिले सहित राजस्थान के विभिन्न जिलों से अब तक लगभग 900 रोगियों ने पंजीकरण कराया है, जिनमें से 150 रोगियों का स्क्रीनिंग के बाद शल्य उपचार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
शल्य क्रिया का कार्य विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम डॉ. यादराम गुर्जर, डॉ. उदयभानु और डॉ. किष्किंधा पंकज द्वारा संपन्न किया जाएगा। शिविर में अतिरिक्त रूप से डॉ. मुकेश शर्मा, डॉ. वीरेन्द्र हाड़ा, डॉ. सौरभ सिंह हाड़ा, डॉ. ओमप्रकाश मीणा, डॉ. सरिता ए. कुमार, डॉ. विनोद, डॉ. अमन सैनी, डॉ. मनीष टांक, डॉ. गोपाल लाल धाकड़, डॉ. प्रज्ञा आर्य, डॉ. आलम अली, डॉ. अमीयबाला मोहन्ती और डॉ. गिरीराज धाकड़ अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
अतिथियों का स्वागत निदेशक डॉ. लवकुश पाराशर, वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी अनिल सिसोदिया एवं कार्यालय टीम द्वारा किया गया। अंत में, शिविर प्रभारी डॉ. मण्डलोई ने सभी अतिथियों, चिकित्सक टीम और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए शिविर को सफल बनाने हेतु जन सहभागिता की अपील की। इस शिविर में आयुर्वेद कम्पाउण्डर एवं नर्सिंग स्टाफ सहित लगभग 48 सदस्यीय चिकित्सा टीम कार्यरत रहेगी। यह निःशुल्क शिविर 13 से 22 दिसंबर 2025 तक चलेगा।
यह शिविर न केवल अर्श-भगन्दर रोगियों के लिए राहत का माध्यम बनेगा, बल्कि आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति की प्रभावशीलता और विज्ञान आधारित दृष्टिकोण को आमजन तक पहुँचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
- चित्तौड़गढ़ आयुर्वेद शिविरनिःशुल्क क्षारसूत्र शल्य चिकित्साअर्श भगन्दर उपचारChittorgarh Ayurvedic CampFree Ksharsutra SurgeryAyurvedic Piles Treatmentचन्द्रभान सिंह आक्याडॉ. शैलेन्द्र सिंह मण्डलोईडॉ. तरुण कुमार प्रमाणिकआयुष मिशन राजस्थानअटल सामुदायिक भवन गांधीनगरविशेषज्ञ आयुर्वेद चिकित्सक10 दिवसीय आयुर्वेद शिविरस्वास्थ्य जागरूकता चित्तौड़गढ़

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
