चित्तौड़गढ़। देश में स्वदेशी की भावना को जन-आंदोलन का रूप देने में महिला वर्ग की भूमिका निर्णायक है—यह संदेश शनिवार को चित्तौड़गढ़ में राष्ट्रीय स्वदेशी महोत्सव के समापन अवसर पर स्पष्ट रूप से उभरकर सामने आया। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के केन्द्रीय संचार ब्यूरो, क्षेत्रीय कार्यालय उदयपुर द्वारा आयोजित इस महोत्सव के अंतर्गत “वंदे मातरम की पुकार, श्रमिक सुरक्षा का विस्तार” विषय पर आधारित पाँच दिवसीय मल्टीमीडिया प्रदर्शनी का भव्य समापन हुआ।

इस प्रदर्शनी का मूल उद्देश्य केंद्र सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं तथा श्रमिक सुरक्षा से जुड़ी नीतियों की जानकारी को व्यापक स्तर पर आमजन तक पहुँचाना रहा। समापन समारोह के मुख्य अतिथि राजस्व मंत्री हेमंत मीणा ने अपने संबोधन में कहा कि देश के विकास के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग का सहयोग अनिवार्य है। इसी सोच के साथ केंद्र और राज्य सरकारें जनहित में निरंतर कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय संचार ब्यूरो द्वारा आयोजित यह प्रदर्शनी प्रधानमंत्री के उस विजन को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करती है, जिसमें महिलाओं, युवाओं और किसानों को सशक्त बनाकर भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प निहित है।

राजस्व मंत्री हेमंत मीणा ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि भारत को विश्वगुरु बनाने के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए स्वदेशी की भावना को अपनाना अत्यंत आवश्यक है और इसमें महिला वर्ग सबसे सशक्त भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि घरेलू और सामाजिक स्तर पर महिलाओं की सहभागिता स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की दिशा में निर्णायक साबित हो सकती है।

कार्यक्रम में उपस्थित सांसद सी. पी. जोशी ने कहा कि केंद्र सरकार देश के सर्वांगीण विकास के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सरकारी लाभ सीधे जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुँचे। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति में प्रत्येक नागरिक की सक्रिय सहभागिता आवश्यक है। सांसद सी. पी. जोशी ने यह भी उल्लेख किया कि प्रदर्शनी के माध्यम से केंद्र सरकार के ऑपरेशन सिंदूर, आत्मनिर्भर भारत जैसे नवाचारों और नीतियों की जानकारी आमजन तक प्रभावी ढंग से पहुँचाई गई है।

समापन समारोह के दौरान केन्द्रीय संचार ब्यूरो के सहायक निदेशक रामेश्वर लाल मीणा ने सभी अतिथियों का स्वागत स्मृति चिन्ह भेंट कर किया। उन्होंने जानकारी दी कि पाँच दिवसीय प्रदर्शनी के दौरान युवाओं, महिलाओं सहित बड़ी संख्या में आम नागरिकों को पैनल, एसएमसी और डिजिटल माध्यमों से केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।

रामेश्वर लाल मीणा ने बताया कि प्रदर्शनी के प्रत्येक दिन विभिन्न जागरूकता सत्र आयोजित किए गए, वहीं दर्शकों की सहभागिता बढ़ाने के लिए प्रश्नोत्तरी, कुर्सी दौड़, पुशअप और हैंगिंग चैलेंज जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को विभाग की ओर से पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।

राष्ट्रीय स्वदेशी महोत्सव के इस सफल आयोजन ने न केवल सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता को नई धार दी, बल्कि स्वदेशी और श्रमिक सुरक्षा जैसे विषयों को समाज के केंद्र में स्थापित करते हुए यह संदेश भी दिया कि जनभागीदारी से ही विकसित भारत का सपना साकार हो सकता है।

Pratahkal Bureau

Pratahkal Bureau

प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story