भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में महिलाओं की सशक्त भागीदारी और उनके राजनीतिक उत्थान को लेकर रविवार को आरटीडीसी के पन्ना होटल में भारतीय जनता पार्टी द्वारा एक महत्वपूर्ण पत्रकार वार्ता आयोजित की गई। इस संवाद का मुख्य केंद्र बिंदु नारी शक्ति वंदन अधिनियम और इसके माध्यम से देश की लोकतांत्रिक संरचना में आने वाला युगांतकारी परिवर्तन रहा। भरतपुर की पूर्व विधायक एवं उदयपुर संभाग महिला संयोजिका अनिता गुर्जर ने आगामी 16, 17 और 18 अप्रैल की तिथियों को भारतीय संसदीय इतिहास में 'स्वर्णिम' करार देते हुए कहा कि इन तीन दिनों के दौरान संसद में महिला आरक्षण बिल पर होने वाली चर्चा देश की दिशा और दशा बदलने वाली साबित होगी।

अनिता गुर्जर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार महिला सशक्तिकरण को केवल नारों तक सीमित न रखकर उसे धरातल पर उतारने के लिए संकल्पबद्ध है। प्रस्तावित नारी शक्ति वंदन अधिनियम के पारित होने के उपरांत लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित होगा, जिसमें अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग की महिलाओं के लिए भी प्रावधान समाहित किए गए हैं। वर्तमान में लोकसभा की सदस्य संख्या 543 है, लेकिन नई व्यवस्था के प्रभाव में आने के बाद यह संख्या बढ़कर लगभग 816 तक पहुंचने की संभावना है, जिससे विधायी निकायों में महिलाओं को पर्याप्त और प्रभावशाली प्रतिनिधित्व प्राप्त हो सकेगा।

विधायक चंद्रभान सिंह आक्या ने इस अवसर पर संबोधित करते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण वर्तमान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती सक्रियता को राष्ट्र के विकास का मुख्य आधार बताया। पत्रकार वार्ता में जिला स्तर पर महिलाओं की सफलता का उल्लेख करते हुए बताया गया कि पंचायती राज संस्थाओं में देश के करीब 30 लाख जनप्रतिनिधियों में से लगभग 15 लाख महिलाएं हैं, जो न केवल अपने नेतृत्व कौशल का लोहा मनवा रही हैं बल्कि शासन में अपनी निर्णायक भूमिका भी सिद्ध कर रही हैं। वक्ताओं ने रेखांकित किया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और उनके हितों के संरक्षण के लिए 'संजीवनी' का कार्य करेगा।

लोकतंत्र की मजबूती पर बल देते हुए श्रीमती गुर्जर ने कहा कि लोकतंत्र केवल मतदान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी सार्थकता तभी है जब समाज का हर वर्ग शासन और नीति निर्धारण में अपनी भागीदारी महसूस करे। जब देश की आधी आबादी की आवाज सदन में गूंजेगी, तभी भारतीय लोकतंत्र की जड़ें और अधिक गहरी व सशक्त होंगी। कार्यक्रम के दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष रतन गाडरी, जिला महामंत्री रघु शर्मा, हर्षवर्धन सिंह रूद, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष वीणा दशोरा, सुधीर जैन, मनोज पारीक, अनिल ईनानी और शैलेंद्र झंवर सहित कई प्रमुख पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। यह पत्रकार वार्ता महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में एक नए युग के सूत्रपात की घोषणा के साथ संपन्न हुई।

Pratahkal Hub

Pratahkal Hub

प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"

Next Story