चित्तौड़गढ़ जिले के मंगलवाड़ स्थित सांगरिया गांव के निवासी और श्री सांवलिया सेवा संस्थान के मुख्य सचिव नारायण सिंह राजावत ने सेवा के क्षेत्र में एक अभूतपूर्व कीर्तिमान स्थापित कर विश्व पटल पर क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया है। नारायण सिंह राजावत के कुशल नेतृत्व में संस्थान द्वारा जीबीएच जनरल हॉस्पिटल के माध्यम से विगत 6 वर्षों में विभिन्न जिलों और प्रदेशों के लगभग 1,20,000 मरीजों को पूर्णतः निःशुल्क चिकित्सा सेवा प्रदान की गई है। इस मानवीय सेवा कार्य की विशिष्टता को देखते हुए अब यूनाइटेड किंगडम बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड द्वारा उन्हें 'लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड' से नवाजा जाएगा। ज्यूरिच मेंबर शैलेंद्र सिंह द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, आगामी 17 अप्रैल को उदयपुर में आयोजित होने वाले एक गरिमामय समारोह में उन्हें यह प्रतिष्ठित सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा।

मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक उत्तरदायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण पेश करने वाली श्री सांवलिया सेवा संस्थान ने वर्ष 2016 में डुंगला तहसील के छोटे से गांव सांगरिया से अपने सफर की शुरुआत की थी। पिछले 5-6 वर्षों के निरंतर प्रयासों से आज यह संस्था देश के हर कोने में अपनी सेवाएं संचालित कर रही है, जिससे विभिन्न राज्यों के मरीज लाभान्वित हो रहे हैं। संस्थान की कार्यप्रणाली अत्यंत व्यवस्थित है, जिसमें राजस्थान के हर जिले से गंभीर रोगियों का चयन करना, उन्हें उपचार हेतु उदयपुर लाना, उनका इलाज करवाना और पुनः ससम्मान घर तक छोड़ना शामिल है। यह संपूर्ण प्रक्रिया पूर्णतः निःशुल्क रहती है और मरीजों से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता। उपचार के साथ-साथ संस्थान द्वारा मरीजों के लिए निःशुल्क भोजन, आवश्यक दवाइयां और वाहन सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाती है।

'मानव सेवा परमो धर्म' के ध्येय वाक्य को चरितार्थ करते हुए संस्थान भविष्य में भी अनेक लोकहितकारी कार्यों को अंजाम देने की योजना बना रही है। स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ संस्थान पर्यावरण संरक्षण पर भी निरंतर कार्य कर रही है। नारायण सिंह राजावत और संस्थान की इन सेवाओं के लिए उन्हें पूर्व में चित्तौड़गढ़, उदयपुर और प्रतापगढ़ के जिला कलेक्टरों द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। साथ ही राज्य सरकार के मंत्री गौतम जी एवं हेमंत जी मीणा भी संस्थान के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित कर चुके हैं। आगामी दिनों में संस्थान द्वारा सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में कदम बढ़ाते हुए गरीब एवं विधवा महिलाओं को उनके ही क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह उपलब्धि न केवल एक व्यक्ति की है, बल्कि निस्वार्थ सेवा भाव की जीत है जिसने राजस्थान की मिट्टी की महक को लंदन तक पहुँचाया है।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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