आकोला में नामदेव समाज का शक्ति प्रदर्शन: साण्डेश्वर महादेव की छांव में नई कार्यकारिणी का भव्य आगाज
चित्तौड़गढ़ के आकोला में श्री नामदेव नवयुवक मंडल की नई कार्यकारिणी का साण्डेश्वर महादेव मंदिर में भव्य गठन हुआ। दली चन्द छीपा अध्यक्ष और लक्ष्मी लाल छीपा कोषाध्यक्ष निर्वाचित हुए। अनुभवी संरक्षकों के मार्गदर्शन में युवाओं की यह टीम समाज के उत्थान और एकता के लिए नई योजनाओं पर कार्य करेगी। पूरी सूची और विवरण यहाँ पढ़ें।

आकोला (चित्तौड़गढ़)। चित्तौड़गढ़ जिले के आकोला क्षेत्र में स्थित आस्था के केंद्र साण्डेश्वर महादेव मंदिर के पावन प्रांगण में श्री नामदेव नवयुवक मंडल की एक ऐतिहासिक बैठक संपन्न हुई, जिसने समाज के भावी नेतृत्व की नई इबारत लिख दी है। भक्तिमय माहौल और सामाजिक एकजुटता के बीच आयोजित इस बैठक में श्री नामदेव नवयुवक मंडल समिति की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया, जिसमें लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करते हुए सर्वसम्मति से सभी पदाधिकारियों का चयन किया गया। इस घोषणा के साथ ही समाज में उत्साह की लहर दौड़ गई है और युवाओं को नेतृत्व सौंपकर समाज के उत्थान का संकल्प लिया गया।
इस महत्वपूर्ण सभा में निर्विरोध निर्वाचन की प्रक्रिया अपनाई गई, जो समाज की अटूट एकता और आपसी विश्वास का प्रतीक बनी। सर्वसम्मति से दली चन्द छीपा को अध्यक्ष पद की कमान सौंपी गई, जबकि लक्ष्मी लाल छीपा को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। संगठन को मजबूती देने के लिए कैलाश चंद्र छीपा को मंत्री और सुरेश चंद्र छीपा एवं हिरा लाल छीपा को उपाध्यक्ष के पद पर आसीन किया गया। पिन्टु कुमार छीपा को संगठन मंत्री के रूप में अहम दायित्व दिया गया है, वहीं विष्णु कुमार छीपा और शंकर लाल छीपा कार्यकारिणी सदस्य के रूप में अपनी सेवाएं देंगे। भगवती लाल बघेरवाल को उप कोषाध्यक्ष मनोनीत कर वित्त प्रबंधन की टीम को पूर्ण किया गया है।
किसी भी संगठन की सफलता उसके अनुभव और मार्गदर्शन में छिपी होती है, इसी को ध्यान में रखते हुए समाज के प्रबुद्ध और अनुभवी वरिष्ठ जनों को संरक्षक मंडल में स्थान दिया गया है। सत्यनारायण पिलिया, जगदीश चन्द्र पिलिया, बृजमोहन पिलिया, उदय लाल बघेरवाल, रंग लाल बघेरवाल, राधे श्याम भंडारी, मोहन लाल बघेरवाल, परमेश्वर पटवा और कमल कान्त पिलिया को संरक्षक बनाया गया है। इन वरिष्ठ दिग्गजों का अनुभव और युवाओं का जोश मिलकर आकोला में नामदेव समाज की प्रगति के नए द्वार खोलेगा। यह नवगठित कार्यकारिणी न केवल सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध कार्य करेगी, बल्कि शिक्षा, संस्कृति और आपसी सहयोग को भी एक नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।

