डूंगला (चित्तौड़गढ़)। गुरुवार तड़के डूंगला स्थित जैन शवदाहगृह में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब परिसर में बने लकड़ी घर से अचानक आग और धुएं के गुबार उठते दिखाई दिए। अज्ञात कारणों से लगी इस आग ने कुछ ही समय में विकराल रूप धारण कर लिया और वहां संग्रहित कई टन लकड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कमरे में लगी लकड़ी की पट्टियां भी जलकर चटक गईं।

शवदाहगृह मार्ग से गुजर रहे ग्रामीणों ने जब लकड़ी घर से उठती लपटें और धुआं देखा, तो उन्होंने तत्परता दिखाते हुए इसकी सूचना बाजार क्षेत्र तक पहुंचाई। सूचना मिलते ही जैन समाज के मंत्री कनकमल दक, पूर्व सरपंच अशोक गोड, मोनू दाणी और दिनेश भाणावत सहित अनेक समाजजन मौके पर पहुंचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डूंगला थाना अधिकारी अमृतलाल मीणा जाब्ते के साथ घटनास्थल पर पहुंचे, वहीं बड़ीसादड़ी वृत्ताधिकारी देशराज कुलदीप ने भी मौके का निरीक्षण कर हालात का जायजा लिया।

आग पर काबू पाने के लिए बड़ीसादड़ी से दमकल वाहन मंगवाया गया, जिसने दो राउंड में कड़ी मशक्कत के बाद आग को नियंत्रित किया। गनीमत रही कि घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, हालांकि लकड़ी घर में रखा सारा भंडार जलकर राख में तब्दील हो गया।

प्राथमिक तौर पर यह आशंका जताई जा रही है कि आग किसी असामाजिक तत्व की हरकत का परिणाम हो सकती है। इस आशंका को बल इस तथ्य से भी मिलता है कि शवदाहगृह परिसर में किसी प्रकार का विद्युत कनेक्शन नहीं है, जबकि आग मध्यरात्रि के बाद लगी। फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है।

पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी संभावित पहलुओं से जांच शुरू कर दी है। घटना ने न केवल जैन समाज को आहत किया है, बल्कि सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच के निष्कर्ष आने के बाद ही इस रहस्यमयी आग के पीछे की सच्चाई सामने आ सकेगी।

Pratahkal Bureau

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