मेवाड़ यूनिवर्सिटी में छात्रों की गिरफ्तारी के विरोध में जोरदार प्रदर्शन, 17 छात्रों की रिहाई और प्रकरण वापस लेने की मांग
बीएससी नर्सिंग कोर्स की मान्यता को लेकर विवाद के बीच एनएसयूआई और कश्मीरी छात्रों ने प्रदर्शन कर गिरफ्तार 17 छात्रों की रिहाई और प्रकरण वापस लेने की मांग की।

चित्तौड़गढ़। जिले के गंगरार में संचालित मेवाड़ यूनिवर्सिटी की मान्यता को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। सोमवार को यूनिवर्सिटी में अध्ययनरत कश्मीरी छात्रों द्वारा पेट्रोल डालकर आत्मदाह करने की कोशिश के बाद मामला और अधिक तूल पकड़ गया। इस घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 17 छात्रों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
छात्रों की गिरफ्तारी के विरोध में मंगलवार को एनएसयूआई के नेतृत्व में मेवाड़ यूनिवर्सिटी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन में यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले कश्मीरी छात्र-छात्राएं भी शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर अपनी नाराजगी जताई। प्रदर्शन के बाद छात्रों ने जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन सौंपकर विरोध दर्ज कराया।
ज्ञापन में मांग की गई कि आत्मदाह के प्रयास के मामले में गिरफ्तार किए गए 17 छात्रों को तुरंत रिहा किया जाए और उनके खिलाफ दर्ज सभी प्रकरण वापस लिए जाएं। इस दौरान मेवाड़ यूनिवर्सिटी में अध्ययनरत छात्रों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने यूनिवर्सिटी में बीएससी नर्सिंग कोर्स में प्रवेश लिया था। यूनिवर्सिटी द्वारा जारी विज्ञापन में इस कोर्स को मान्यता प्राप्त बताया गया था, लेकिन बाद में उन्हें पता चला कि इस कोर्स को राजस्थान नर्सिंग काउंसिल और इंडियन नर्सिंग काउंसिल से मान्यता ही प्राप्त नहीं है।
छात्रों का कहना है कि यदि कोर्स को मान्यता नहीं मिलती है तो उनकी डिग्री वैध नहीं मानी जाएगी। ऐसी स्थिति में वे न तो किसी अस्पताल में पंजीकरण करवा पाएंगे और न ही किसी सरकारी या निजी नौकरी के लिए आवेदन कर सकेंगे। इससे उनका भविष्य पूरी तरह अधर में लटक गया है।
छात्रों ने आरोप लगाया कि यूनिवर्सिटी प्रशासन लगातार इस मामले में टालमटोल कर रहा है। कभी यह कहा जाता है कि मान्यता की प्रक्रिया चल रही है तो कभी चुनाव और विधानसभा सत्र के बाद मान्यता दिलवाने का आश्वासन दिया जाता है। छात्रों ने स्पष्ट कहा कि वे वर्ष 2022 बैच के छात्र हैं और वर्तमान में उनका अंतिम सेमेस्टर चल रहा है। ऐसे में अब उनके सामने सबसे बड़ा सवाल उनके भविष्य का है।
छात्रों ने मांग की है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन या तो इस कोर्स को जल्द से जल्द जरूरी मान्यता दिलवाए, अन्यथा छात्रों को उचित मुआवजा दिया जाए। इस दौरान अंकुश आदिवाल, महेश धनगर, लेहरू धनगर, पूजा राठौर, त्रिलोक सिंह, कृष्णा जाट, रानू कुमावत, देवपाल सिंह राईपुरिया, भव्या चुंडावत, बालकिशन सिसोदिया, खुशीराम ठाकुर, इम्तियाज़ हुसैन लोहार, हाजी अब्दुल गनी शेख, फिरोज खान, इरफान अब्बासी, खुरशेद कमाल, मोहसिन खान, मुरदसर पठान और आरिफ अली सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
इधर, मेवाड़ विश्वविद्यालय में नर्सिंग छात्रों के आन्दोलन के चलते करीब बीस दिन पूर्व अवकाश घोषित कर दिया गया था, जिससे छात्रों का अध्यापन कार्य बाधित हो रहा था। इसके चलते सोमवार को मेवाड़ विश्वविद्यालय में अध्यापन एवं प्रशासनिक कार्य फिर से शुरू हो गया है।
इस पूरे मामले में मेवाड़ विश्वविद्यालय के चेयरपर्सन डॉ. अशोक गदिया ने कहा कि नर्सिंग के छात्रों के भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ नहीं होगा। उन्होंने बताया कि एनओसी की प्रक्रिया चल रही है और जल्द ही एनओसी सरकार से जारी हो जाएगी। मेवाड़ विश्वविद्यालय में फिलहाल एनओसी नहीं आने तक नर्सिंग के छात्रों का अवकाश घोषित कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में नियमित कार्य शुरू हो गया है और कक्षाएं भी नियमित रूप से प्रारंभ हो गई हैं। उन्होंने सभी विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपनी नियमित कक्षाओं में उपस्थित होकर अध्ययन कार्य शुरू करें। साथ ही नर्सिंग के छात्र-छात्राओं से आह्वान किया कि वे अपना आन्दोलन समाप्त कर अपने घर लौट जाएं। जब एनओसी जारी होगी, तब उन्हें सूचना देकर बुलाया जाएगा और उसके बाद ही नियमित कक्षाएं शुरू होंगी।
डॉ. गदिया ने भरोसा दिलाया कि किसी भी छात्र के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होगा। उन्होंने आन्दोलन के दौरान प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के सहयोग के लिए आभार भी व्यक्त किया।

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
