एमडी तस्करी मामला: नीमच विशेष न्यायालय ने आरोपी को 10 वर्ष कारावास
03.01.2025 को गुप्त सूचना पर स्विफ्ट कार से 71 ग्राम एमडी बरामद मामले में नीमच एनडीपीएस कोर्ट ने आरोपी को दोषी मानते हुए 10 वर्ष सश्रम कारावास व ₹1 लाख जुर्माना सुनाया।

विशेष न्यायाधीश (एन.डी.पी.एस. एक्ट) जिला-नीमच जितेन्द्र कुमार बाजोलिया ने 71 ग्राम एम.डी. (मैथामफेटामाइन) की तस्करी के गंभीर मामले में आरोपी अकरम खान पिता रशीद खान, उम्र 33 वर्ष, निवासी ग्राम भिरियाखेड़ी उंचा, थाना निंबाहेड़ा सदर, जिला चित्तौड़गढ़ (राजस्थान) को दोषी ठहराते हुए धारा 8/22(सी) एन.डी.पी.एस. एक्ट के अंतर्गत 10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1,00,000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
मामले की जानकारी अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी एडीपीओ रितेश कुमार सोमपुरा ने देते हुए बताया कि दिनांक 03.01.2025 को कार्यालय उप-नारकोटिक्स आयुक्त, नीमच पर गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि एक स्विफ्ट कार में सवार व्यक्ति 50 से 100 ग्राम मादक पदार्थ मैथामफेटामाइन (एम.डी.) को सेमली चन्द्रावत-जावद रोड स्थित पालराखेड़ा ग्राम की ओर तस्करी कर ले जाने वाला है।
सूचना के आधार पर नारकोटिक्स सेल द्वारा निवारक दल का गठन कर कार्रवाई की गई। दल सुबह लगभग 10:30 बजे सेमली चन्द्रावत-जावद रोड पर पहुंचा, जहां मुखबिर द्वारा बताई गई स्विफ्ट कार आती हुई दिखाई दी। पीछा कर वाहन को मोडी माताजी मंदिर के पास रोका गया। कानून व्यवस्था एवं विधिवत कार्रवाई के तहत कार एवं आरोपी को कार्यालय केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो, नीमच लाया गया।
तलाशी के दौरान आरोपी की जैकेट की बाईं जेब से एक काली पॉलीथीन में 71 ग्राम अवैध मादक पदार्थ एम.डी. बरामद हुआ। निवारक दल ने मौके पर ही कार एवं मादक पदार्थ को जप्त करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया तथा आवश्यक अनुसंधान के बाद प्रकरण को माननीय विशेष न्यायालय, नीमच में प्रस्तुत किया।
विचारण के दौरान केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो के विशेष लोक अभियोजक श्री सुशील ऐरन ने सभी महत्वपूर्ण गवाहों के बयान दर्ज कराते हुए यह सिद्ध कराया कि आरोपी द्वारा अवैध मादक पदार्थ मैथामफेटामाइन (एम.डी.) की तस्करी का अपराध किया गया है, जो संदेह से परे प्रमाणित हुआ। अभियोजन पक्ष ने आरोपी को कठोर दंड देने का निवेदन किया।
अदालत ने प्रस्तुत साक्ष्यों एवं दलीलों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1,00,000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। प्रकरण में विशेष लोक अभियोजक श्री सुशील ऐरन द्वारा पैरवी की गई, जबकि सफल अभियोजन संचालन में अधिवक्तागण श्रीमती नीरा यादव, सुश्री सलोनी पोरवाल तथा सुश्री निशा घारू का सराहनीय सहयोग रहा।
यह फैसला एनडीपीएस मामलों में न्यायिक सख्ती और मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध कानून के कठोर रुख को और अधिक स्पष्ट करता है।

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