चित्तौड़गढ़ में पुलिस की बड़ी स्ट्राइक: 13 लाख की अवैध खैर की लकड़ी के साथ मेवात के दो तस्कर दबोचे
चित्तौड़गढ़ की भादसोड़ा थाना पुलिस ने 13 लाख रुपये से अधिक मूल्य की 12 टन अवैध खैर की लकड़ी जब्त कर मेवात के दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। उदयपुर के जंगलों से चोरी कर ले जाई जा रही इस लकड़ी को ई-साक्ष्य ऐप के जरिए रिकॉर्ड कर पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल की। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

चित्तौड़गढ़। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में जंगलों की संपदा पर डाका डालने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के मंसूबों पर भादसोड़ा थाना पुलिस ने पानी फेर दिया है। पुलिस ने एक सुनियोजित नाकाबंदी के दौरान अवैध खैर की लकड़ियों से भरे एक विशाल ट्रक को जब्त कर तस्करी के बड़े खेल का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने 12 टन से अधिक वजन की बेशकीमती खैर की लकड़ी बरामद की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 13 लाख 60 हजार रुपये से अधिक आंकी जा रही है। पुलिस ने इस मामले में मेवात क्षेत्र के दो शातिर तस्करों को भी गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
घटनाक्रम की शुरुआत शुक्रवार को हुई जब जिला पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी के निर्देशानुसार एएसपी सरिता सिंह और डीवाईएसपी विनोद लगाया के मार्गदर्शन में थानाधिकारी महेन्द्र सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम लोकल एवं स्पेशल एक्ट की कार्रवाई के तहत नाकाबंदी कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को एक संदिग्ध आयशर ट्रक आता हुआ दिखाई दिया। ट्रक पर पूरी तरह से तिरपाल ढका हुआ था, जिसने पुलिस के संदेह को गहरा कर दिया। जैसे ही पुलिस ने हाथ का इशारा कर ट्रक को रुकवाया, चालक ने पुलिस को देख भागने का असफल प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद जाप्ते ने घेराबंदी कर उसे और उसके साथी को मौके पर ही दबोच लिया।
पुलिस द्वारा सख्ती से पूछताछ करने पर ट्रक में सवार व्यक्तियों ने अपनी पहचान मुनफैद पिता सिरोजुदीन मेव (निवासी सील खोह, ताउडु, जिला नुह मेवात) और खलासी आसिफ पिता रशीद मेव (उम्र 25 साल, निवासी दल्लाबास, पुन्हाना, जिला नुह मेवात) के रूप में दी। जब पुलिस ने तिरपाल हटाकर ट्रक की तलाशी ली, तो भीतर खैर की लकड़ियों के छिले हुए छोटे-बड़े गट्टों का अंबार मिला। आरोपियों के पास इस लकड़ी के परिवहन से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज या अनुज्ञापत्र नहीं था। पूछताछ में तस्करों ने स्वीकार किया कि वे ये लकड़ियां उदयपुर के समीपवर्ती जंगलों से चोरी-छिपे काटकर लाए थे और इन्हें तस्करी के लिए ले जा रहे थे।
पुलिस ने आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए ई-साक्ष्य ऐप के माध्यम से पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी की और ट्रक सहित 12 टन 360 किलोग्राम लकड़ी को अपने कब्जे में लिया। इस सफल ऑपरेशन में थानाधिकारी महेन्द्र सिंह के साथ एएसआई जीवन सिंह, अमीचन्द, कांस्टेबल विरेन्द्र सिंह, रतन लाल और तुलछा राम की विशेष भूमिका रही। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया है और अब इस बात की जांच की जा रही है कि इस तस्करी नेटवर्क के तार और कहां-कहां जुड़े हुए हैं। यह कार्रवाई वन माफियाओं के लिए एक कड़ी चेतावनी मानी जा रही है।

Pratahkal Bureau
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