बेगूँ में प्रशासन की बड़ी लापरवाही: विशेष शिविर से नायब तहसीलदार और विकास अधिकारी सहित दर्जनभर कर्मचारी नदारद, मजिस्ट्रेट ने थमाया नोटिस
चित्तौड़गढ़ के बेगूँ में विशेष शिविर के औचक निरीक्षण के दौरान नायब तहसीलदार, विकास अधिकारी और पटवारी रविशेखर जानू व खुशबू धाकड़ सहित दर्जनभर कर्मचारी नदारद मिले। मजिस्ट्रेट ने इस बड़ी लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए सभी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। सरकारी योजनाओं में लापरवाही बरतने वालों पर प्रशासन की इस कार्रवाई से जिले में हड़कंप मच गया है।

बेगूँ (चित्तौड़गढ़)। चित्तौड़गढ़ जिले के बेगूँ क्षेत्र में सरकारी तंत्र की कार्यप्रणाली पर उस समय बड़ा सवालिया निशान लग गया, जब जनता की समस्याओं के समाधान के लिए लगाए गए विशेष शिविर में जिम्मेदार अधिकारी ही नदारद मिले। जिला कलक्टर के निर्देशानुसार आमजन को राहत देने के लिए शुरू किए गए इन शिविरों की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शुक्रवार को मण्डावरी में आयोजित शिविर के औचक निरीक्षण के दौरान अफरातफरी का माहौल बन गया। जब बेगूँ मजिस्ट्रेट ने दोपहर 3 बजे भू-अभिलेख निरीक्षक कार्यालय मण्डावरी का औचक निरीक्षण किया, तो वहां सन्नाटा पसरा देख वे भी दंग रह गए।
राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप 23 जनवरी से 9 फरवरी 2026 तक चलने वाले इन विशेष शिविरों का मुख्य उद्देश्य जनकल्याणकारी योजनाओं को पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाना और उनकी समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण करना है। निरीक्षण के दौरान मजिस्ट्रेट ने उपस्थित लाभार्थियों और मौजूद गिने-चुने अधिकारियों को शिविर के उद्देश्यों से अवगत कराया और निर्देश दिए कि समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हालांकि, इस दौरान प्रशासनिक अनुशासन की धज्जियां उड़ती नजर आईं क्योंकि नायब तहसीलदार बेगूँ और विकास अधिकारी बेगूँ जैसे मुख्य जिम्मेदार अधिकारी ही शिविर स्थल से गायब मिले।
अनुपस्थिति की यह सूची यहीं खत्म नहीं हुई। निरीक्षण के समय नायब तहसीलदार और विकास अधिकारी के अलावा एक दर्जन से अधिक कर्मचारी अपनी ड्यूटी से नदारद थे। विशेष रूप से पटवारी हल्का दौलतपुरा के रविशेखर जानू और पटवारी हल्का जयनगर की खुशबू धाकड़ भी अपने निर्धारित स्थान पर मौजूद नहीं पाए गए। सरकारी कार्य के प्रति इस प्रकार की घोर लापरवाही और उदासीनता को देखते हुए मजिस्ट्रेट ने इसे अत्यंत गंभीरता से लिया है। मौके पर ही अनुपस्थित पाए गए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची तैयार की गई और उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करने के कड़े आदेश दिए गए।
प्रशासनिक स्तर पर हुई इस सख्त कार्रवाई ने पूरे जिले के सरकारी महकमे में हड़कंप मचा दिया है। मजिस्ट्रेट ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि आगामी शिविरों में सभी संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए और जनता की शिकायतों का समाधान मौके पर ही सुनिश्चित किया जाए। यह घटनाक्रम संदेश देता है कि जनता के प्रति जवाबदेही निभाने में बरती गई किसी भी प्रकार की ढिलाई को अब हल्के में नहीं लिया जाएगा।

Deepanshu Sharma, Chittorgarh
नाम: दीपांशु शर्मा
वर्तमान पद: रिपोर्टर (प्रातःकाल)
कार्यक्षेत्र: बेगू तहसील (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक एवं प्रशासनिक
अनुभव: 8 वर्ष (कुल)
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता
- राजनीतिक विश्लेषण: बेगू क्षेत्र के राजनीतिक समीकरणों का विश्लेषण और राजनीतिक घटनाक्रमों की कवरेज।
- जनसमस्याएं: आमजन की समस्याओं, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सुविधाओं से संबंधित समाचार।
- त्वरित कवरेज: क्षेत्र में घटने वाली घटनाओं, दुर्घटनाओं और तात्कालिक खबरों की सबसे पहले कवरेज।
- प्रशासनिक खबरें: प्रशासनिक निर्णयों, विभागीय कार्यप्रणालियों और अंदरूनी (अंदर खाने की) खबरों की सटीक जानकारी।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- प्रातःकाल: पिछले 3 वर्षों से लगातार 'प्रातःकाल' समाचार पत्र के साथ जुड़कर बेगू तहसील में कार्यरत हैं।
- पूर्व अनुभव: इससे पहले 5 वर्ष पूर्व से सांध्यकालीन दैनिक 'कवर स्टोरी' समाचार पत्र से जुड़े हुए थे।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
कला स्नातक (B.A.)
